Sunday, December 31, 2017

नाचे मन मोरा मगन

नाचे मन मोरा मगन तिक-दा-धीगी-धीगी
बदरा घिर आए, रुत है भीगी-भीगी
नाचे मन-मोरा मगन...

कुहू के कोयलिया, कहीं दूर पपीहा पुकारे
झूला झूलें सखियाँ, कि घर आजा बालम हमारे
घिर आए, बदरा घिर आए, रुत है भीगी-भीगी
नाचे मन-मोरा मगन...

यहीं रुक जाए, ये शाम आज ढलने ना पाए
टूटे ना ये सपना, कोई अब मुझे ना जगाए
घिर आए, बदरा घिर आए, रुत है भीगी-भीगी
नाचे मन-मोरा मगन...

छुप-छुप ऐसे में, कोई मधुर गीत गाए
गीतों के बहाने, छुपी बात होंठों पे आए
घिर आए, बदरा घिर आए, रुत है भीगी-भीगी
नाचे मन-मोरा मगन...

Movie/Album: मेरी सूरत तेरी आँखें (1963)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मो.रफ़ी

Tuesday, December 19, 2017

प्रभु तेरो नाम

प्रभु तेरो नाम, जो ध्याये फल पाये
सुख लाये तेरो नाम
तेरी दया हो जाये तो दाता
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम

तू दानी, तू अंतर्यामी
तेरी कृपा हो जाये तो स्वामी
हर बिगड़ी बन जाये
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम

बस जाये मोरा सूना अंगना
खिल जाये मुरझाया कंगना
जीवन में रस आये
जीवन धन मिल जाये
सुख लाये तेरो नाम

Thursday, November 16, 2017

रुक जा रात ठहर जा रे चन्दा

रुक जा रात ठहर जा रे चन्दा
बीते ना मिलन की बेला
आज चाँदनी की नगरी में
अरमानों का मेला

पहले मिलन की यादें लेकर
आयी है ये रात सुहानी
दोहराते हैं फ़िर ये सितारे
मेरी तुम्हारी प्रेम कहानी
रुक जा रात...

कल का डरना, काल की चिंता
दो तन है, मन एक हमारे
जीवन सीमा के आगे भी
आऊँगी मैं संग तुम्हारे
रुक जा रात...


Movie/Album: दिल एक मन्दिर (1963)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed by: लता मंगेशकर


Wednesday, November 15, 2017

जय जननी जय भारत मां

Bagaawat kaa khulaa paigaam
Detaa hun jawaano ko
Are utho uth kar mitaa do
Tum gulaami ke nishaano ko

Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa
Utho gagaa ki godi se
Utho sataluj ke saahil se

Utho dakkhan ke sine se
Utho bagaal ke dil se
Nikaalo apani dharati se
Bideshi hukmaraano ko
Utho uth kar mitaa do
Tum gulaami ke nishaano ko
Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa

Khizaan ki qaid se ujadaa
Chaman aazaad karanaa hai
Hame apani zami apanaa
Watan aazaad karanaa hai
Jo gaddaari sikhaaye
Khinch lo unaki zabaano ko

Utho uth kar mitaa do
Tum gulaami ke nishaano ko
Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa

Ye saudaagar jo is dharati
Pe qabzaa kar ke baithe hai
Hamaare khun se apane
Khazaane bhar ke baithe hai
Inhe kah do ke ab waapas
Kare saare khazaano ko
Utho uth kar mitaa do
Tum gulaami ke nishaano ko

Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa
Jo in kheto kaa dana
Dushmano ke kaam aanaa hai

Jo in kaano kaa sonaa
Ajanabi desho ko jana hai
To phunko saari faslo ko
Jalaa do saari kaano ko
Utho uth kar mitaa do
Tum gulaami ke nishaano ko
Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa
Jay janani jay bharat maa

Bahut jheli gulaami ki
Balaaye ab na jhelege
Bahut jheli gulaami ki
Balaaye ab na jhelege
Chadhege phaansiyo par
Goliyo ko hans ke jhelege
Chadhege phaansiyo par
Goliyo ko hans ke jhelege

Unhi par mod dege
Unaki topo ke dahaano ko
Unhi par mod dege
Unaki topo ke dahaano ko
Utho uth kar mitaa do
Tum gulaami ke nishaano ko.

Tuesday, October 17, 2017

हो के मायूस

हो के मायूस तेरे दर से सवाली न गया
झोलियां भर गईं सबकी कोई खाली न गया

तेरे दरबार में जो भी परेशां हो के आए
दुआएं दे के जाए और मुरादें ले के जाए
तू रहमत का फ़रिश्ता है, तू उजड़े घर बसाए
तू रूहों का मसीहा है, तू हर ग़म को मिटाये
अहले-दिल, अहले-मोहब्बत पे इनायत है तेरी
तूने डूबों को उभारा है, ये शोहरत है तेरी
अनोखी शान तेरी, निराली आन तेरी
तू मस्ती का ख़ज़ाना, तेरा हर दिल दीवाना
तू महबूब-ए-ख़ुदा है, तू हर ग़म की दवा है
तभी तो सब कहते हैं -
हो के मायूस तेरे दर से सवाली न गया

जमाल-ए-यार देखा है, रुख़-ए-दिलदार देखा
किसी का नाज़नीं जलवा सर-ए-दरबार देखा
तमन्नाओं के सहरा में हसीं गुलज़ार देखा
जब से देखा है तुझे दिल का अज़ब आलम है
जान-ओ-इमां भी अगर नज़र करूं तो कम है
था जो सुनने में आया तुझे वैसा ही पाया
तू अरमानों का साहिल, तू उम्मीदों की मंज़िल
तू हर बिगड़ी बनाए, तू बिछड़ों को मिलाए
तभी तो सब कहते हैं -
हो के मायूस तेरे दर से सवाली न गया

मुहब्बत बड़े काम की चीज़

हर तरफ़ हुस्न है जवानी है, आज की रात क्या सुहानी है
रेशमी जिस्म थरथराते हैं, मरमरी ख़्वाब गुनगुनाते हैं
धड़कनों में सुरूर फैला है, रंग नजदीक-ओ-दूर फैला है
दावत-ए-इश्क़ दे रही है फ़ज़ा, आज हो जा किसी हसीं पे फ़िदा
मुहब्बत बड़े काम की चीज़ है, काम की चीज़ है

मुहब्बत के दम से है दुनिया की रौनक
मुहब्बत ना होती तो कुछ भी ना होता
नजर और दिल की पनाहों की खातिर
ये जन्नत ना होती तो कुछ भी ना होता
यही एक आराम की चीज़ है, काम की चीज़ है

किताबों में छपते हैं चाहत के किस्से
हक़ीकत की दुनिया में चाहत नहीं
ज़माने के बाज़ार में ये वो शह है
कि जिसकी किसी को ज़रूरत नहीं है
ये बेकार, बेदाम की चीज़ है
ये कुदरत के इनाम की चीज़ है
ये बस नाम ही नाम की चीज़ है

मुहब्बत से इतना खफ़ा होने वाले
चल आ! आज तुझको मुहब्बत सिखा दे
तेरा दिल जो बरसों से वीरां पड़ा है
किसी नाज़नीनां को इसमें बसा दें
मेरा मशवरा काम की चीज़ है, काम की चीज़ है


Tuesday, October 10, 2017

याद न जाए, बीते दिनों की

याद न जाए, बीते दिनों की
जाके न आये जो दिन, दिल क्यूँ बुलाए, उन्हें
दिल क्यों बुलाए
याद न जाये ...

दिन जो पखेरू होते, पिंजरे में मैं रख देता - २
पालता उनको जतन से
पालता उनको जतन से, मोती के दाने देता
सीने से रहता लगाए
याद न जाए ...

तस्वीर उनकी छुपाके, रख दूँ जहाँ जी चाहे - २
मन में बसी ये सूरत
मन में बसी ये सूरत, लेकिन मिटे न मिटाए
कहने को है वो पराए
याद न जाए ...



चित्रपट / Film: Dil Ek Mandir
संगीतकार / Music Director: शंकर - जयकिशन-(Shankar-Jaikishan)
गीतकार / Lyricist: शैलेन्द्र-(Shailendra)
गायक / Singer(s): मोहम्मद रफ़ी-(Mohammad Rafi)


Wednesday, October 4, 2017

कोई राग छेड़, दबी आग छेड़

Koi raag chhed dabi aag chhed
Ke yahi hai zindgani
Kahi hai bahar kahi par nisar
Koi mang le nishani
Koi raag chhed dabi aag chhed
Ke yahi hai zindgani
Kahi hai bahar kahi par nisar
Kahi bandh le nishana
Koi raag ho

Abhi waqt maharba hai
Abhi zindagi jawa hai
Abhi waqt maharba hai
Abhi zindagi jawa hai
Ye sama tera sama hai
Koi raag chhed

Neet aaho ke ishare
Ye khile khile nazare
Neet aaho ke ishare
Ye khile khile nazare
Mujhe kah rahe hai sare
Koi raag chhed

Zara dil ki sun suna le
Zara khud ko aazma le
Zara dil ki sun suna le
Zara khud ko aazma le
Koi aarzu jaga le
Koi raag chhed
Koi raag chhed dabi aag chhed
Ke yahi hai zindgani
Kahi hai bahar kahi par nisar
Koi mang le nishani
Koi raag chhed.

Sunday, October 1, 2017

चोरी चोरी मेरी गली आना

चोरी चोरी मेरी गली आना है बुरा
आ के बिना बात किये जाना है बुरा

अच्छे नहीं ये इशारे, पेड़ों तले छुप-छुपा के
आओ न दो बातें कर लें, नज़रों से नज़रे मिला के
दिन हैं प्यार के, मौज बहार के
देखो! भोले-भाले जी को तरसाना है बुरा

दिल आ गया है तो प्यारे, बदनाम होने का डर क्या?
इश्क़ और वफ़ा की गली में, दुनिया के ग़म का गुज़र क्या?
दिन हैं प्यार के, मौज बहार के

देखो! भोले-भाले जी को तरसाना है बुरा

Wednesday, September 20, 2017

अल्लाह तेरो नाम

अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान

इस धरती का रूप ना उजड़े
प्यार की ठंडी धूप ना उजड़े
सबको मिले सुख का वरदान

मांगों का सिन्दूर ना छूटे
माँ बहनों की आस ना टूटे
देह बिना दाता,भटके ना प्राण

ओ सारे जग के रखवाले
निर्बल को बल देने वाले
बलवानों को दे दे ज्ञान


Saturday, September 16, 2017

चढ़ गयो पापी बिछुआ

ओ बिछुआ
हाय रे
पीपल छैंया
बैठी पल भर
हो
धर के गगरिया
हाय रे
हाय रे – 3

होय ओय ओय ओय ओय
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ

हो
हो ओ
मन्तर फेरूँ हूँ
कोमल काया ओ
छोड़ के जा रे
छू
जा रे – 3

होय ओय ओय ओय ओय
ओ और भी चढ़ गयो
ना गयो पापी बिछुआ
ओ और भी चढ़ गयो
ना गयो पापी बिछुआ
कैसी आग लगा गयो पापी बिछुआ
ओ कैसी आग लगा गयो पापी बिछुआ
सारे बदन पे छा गयो पापी बिछुआ
सारे बदन पे छा गयो पापी बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ


हाय रे
मन्तर झूठा
हां बैद भी झूठा
हो
पिया घर आ रे
आ रे
आ रे – 3

ओय ओय ओय ओय
देखो रे देखो रे
देखो उतर गयो बिछुआ
ओ देखो रे देखो रे
देखो उतर गयो बिछुआ
हे टूट के रह गयो
डन्क उतर गयो बिछुआ
ओ टूट के रह गयो
डन्क उतर गयो बिछुआ
सैंया को देख के
जाने किधर गयो बिछुआ
ओ सैंया को देख के
जाने किधर गयो बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ


फ़िल्म: मधुमती / Madhumati (1958)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, मन्ना डे
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: जॉनीवाकर, प्राण, दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला, जयंत


Wednesday, August 9, 2017

दुख और सुख के रास्ते

दुख और सुख के रास्ते, बने हैं सब के वास्ते
जो ग़म से हार जाओगे, तो किस तरह निभाओगे
खुशी मिले हमें के ग़म, जो होगा बाँट लेंगे हम
मुझे तुम आज़माओ तो, ज़रा नज़र मिलाओ तो
ये जिस्म दो सही, दिलों में फ़ासला नहीं
जहां में ऐसा कौन है, कि जिसको ग़म मिला नहीं

तुम्हारे प्यार की क़सम, तुम्हारा ग़म है मेरा ग़म
न यूँ बुझे-बुझे रहो, जो दिल की बात है कहो
जो मुझ से भी छुपाओगे, तो फिर किसे बताओगे
मैं कोई गैर तो नहीं, दिलाऊँ किस तरह यक़ीं

कि तुमसे मैं जुदा नहीं, मुझसे तुम जुदा नहीं

Wednesday, August 2, 2017

आवारा हूँ या गर्दिश में हूँ

आवारा हूँ या गर्दिश में हूँ
आसमान का तारा हूँ

घर-बार नहीं, संसार नहीं
मुझसे किसी को प्यार नहीं
उस पार किसी से मिलने का इकरार नहीं
मुझसे किसी को प्यार नहीं
अनजान नगर सुनसान डगर का प्यारा हूँ
आवारा हूँ...

आबाद नहीं, बर्बाद सही
गाता हूँ खुशी के गीत मगर
ज़ख्मों से भरा सीना है मेरा
हंसती है मगर यह मस्त नज़र
दुनिया मैं तेरे तीर का
या तकदीर का मारा हूँ
आवारा हूँ...

Movie/Album: आवारा (1951)
Music By: जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश


Tuesday, July 25, 2017

दिन हैं बहार के

दिन हैं बहार के तेरे मेरे इक़रार के
दिल के सहारे आजा प्यार करें
दुश्मन हैं प्यार के जब लाखों ग़म संसार के
दिल के सहारे कैसे प्यार करें ?

दुनिया का बोझ ज़रा दिल से उतार दे
छोटी सी ज़िंदगी है हंस के गुज़ार दे
अपनी तो ज़िंदगी बीती है जी को मार के
दिल के सहारे कैसे प्यार करें ?

अच्छा नहीं होता यूं ही सपनों से खेलना
बड़ा ही कठिन है हक़ीक़तों को झेलना
अपनी हक़ीक़तें मेरे सपनों पे वार के
दिल के सहारे आजा प्यार करें

ऐसी वैसी बातें सभी दिल से निकाल दे
जीना है तो कश्ती को धारे पे डाल दे
धारे की गोद में घेरे भी हैं मंझधार के
दिल के सहारे कैसे प्यार करें ?

दिन हैं बहार के तेरे मेरे इक़रार के
दिल के सहारे आजा प्यार करें

Monday, July 3, 2017

रमैय्या वस्तावैय्या

रमैय्या वस्तावैय्या, रमैय्या वस्तावैय्या
मैंने दिल तुझको दिया

नैनों में थी प्यार की रोशनी
तेरी आँखों में ये दुनियादारी ना थी
तू और था, तेरा दिल और था
तेरे मन में ये मीठी कटारी ना थी
मैं जो दुःख पाऊं तो क्या, आज पछताऊं तो क्या
मैंने दिल तुझको...

उस देश में, तेरे परदेस में
सोने चांदी के बदले में बिकते हैं दिल
इस गाँव में, दर्द की छाँव में
प्यार के नाम पर ही तड़पते हैं दिल
चाँद तारों के टेल, रात ये गाती चले
मैंने दिल तुझको...

याद आती रही, दिल दुखाती रही
अपने मन को मनाना न आया हमें
तू ना आए तो क्या, भूल जाए तो क्या
प्यार करके भुलाना न आया हमें
वहीं से दूर से ही, तू भी ये कह दे कभी
मैंने दिल तुझको...

रास्ता वही और मुसाफिर वही
एक तारा न जाने कहाँ छुप गया
दुनिया वही, दुनियावाले वही
कोई क्या जाने किसका जहां लूट गया
मेरी आँखों में रहे, कौन जो तुझसे कहे
मैंने दिल तुझको...


Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर, मो.रफ़ी, मुकेश

Tuesday, June 13, 2017

खुले गगन के नीचे पंछी

खुले गगन के नीचे पंछी, घूमें डाली डाली
मैं क्या जानूं उड़ना क्या है, मैं पिंजरे की पाली

शीशे के ताबूत में जैसे, मछली माथा पटके
पत्थर के इस बंदी घर में, मेरी आत्मा भटके

गमले के इस फूल का जीवन, मेरी कथा सुनाये
इसी के अंदर खिले बिचारा, इसी में मुरझा जाये|

[ Movie : मेहमान-1974 ]

Saturday, June 10, 2017

क्या मिलिये ऐसे लोगों से

क्या मिलिये ऐसे लोगों से, जिनकी फ़ितरत छुपी रहे
नकली चेहरा सामने आए, असली सूरत छुपी रहे |

खुद से भी जो खुद को छुपाएं, क्या उनसे पहचान करें
क्या उनके दामन से लिपटें, क्या उनका अरमान करें
जिनकी आधी नीयत उभरे, आधी नीयत छुपी रहे
दिलदारी का ढोंग रचाकर, जाल बिछाएं बातों का
जीते-जी का रिश्ता कहकर, सुख ढूंढे कुछ रातों का
रूह की हसरत लब पे आए, जिस्म की हसरत छुपी रहे

जिनके ज़ुल्म से दुखी है जनता, हर बस्ती हर गांव में
दया-धरम की बात करें वो बैठ के सजी सभाओं में
दान का चर्चा घर घर पहुंचे, लूट की दौलत छुपी रहे

देखें इन नकली चेहरों की कब तक जय-जयकार चले
उजले कपड़ों की तह में कब तक काला संसार चले
कब तक लोगों की नज़रों से छुपी हकीकत छुपी रहे

Wednesday, June 7, 2017

गाता रहे मेरा दिल

गाता रहे मेरा दिल
तू ही मेरी मंज़िल
कहीं बीतें ना ये रातें
कहीं बीतें ना ये दिन

प्यार करने वाले, अरे प्यार ही करेंगे
जलने वाले चाहे जल-जल मरेंगे
मिलके जो धड़के हैं दो दिल हरदम ये कहेंगे
कहीं बीतें ना...

ओ मेरे हमराही, मेरी बाँह थामे चलना
बदले दुनिया सारी, तुम न बदलना
प्यार हमे भी सिखला देगा, गर्दिश में सम्भलना
कहीं बीतें ना...

दूरियाँ अब कैसी, अरे शाम जा रही है
हमको ढलते-ढलते समझा रही है
आती-जाती साँस जाने कब से गा रही है
कहीं बीतें ना...

Movie/Album: गाईड (1965)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

Thursday, May 25, 2017

क़ज़ा ज़ालिम सही

क़ज़ा ज़ालिम सही, ये ज़ुल्म वो भी कर नहीं सकती
जहां में कैस ज़िंदा है, तो लैला मर नहीं सकती
ये दावा आज दुनिया-भर से मनवाने की खातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है, अपने दीवाने की खातिर आ

तेरे दर से मैं खाली लौट जाऊं, क्या कयामत है
तू मेरी रूह का काबा, मेरी जाने-इबादत है
जबीने-शौक के सजदों को अपनाने की खातिर आ

मेरी दीवानगी की, मेरी वहशत की कसम तुझको
गुरूर-ए-इश्क़ की, नाज़े-मुहब्बत की कसम तुझको
जमाने को वफ़ा की शान दिखलाने की खातिर आ

मैं तेरे हुस्न का सदका उतारूं, सामने आजा
गिरेबां धज्जियां कर-करके वारूं सामने आजा
शिकस्ता-पर, परेशां-हाल परवाने की खातिर आ

Friday, May 19, 2017

बोझ उठा ले साथी

Bojh utha le o
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Eit aur pathar nahi hai boj hai teri garibi
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale

Bukh humko janam diya
Mehnat ne humko pala
Bukh humko janam diya
Mehnat ne humko pala
Ham logo ka is duniya mein
Koi nahi rakhawala
Ham logo ka is duniya mein
Koi nahi rakhawala
Sirf apni baho ka bal hai
Jo paapo ko tale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Eit aur pathar nahi hai boj hai teri garibi
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale

Paon na dhole hath na kanpe
Sans na teri phule
Paon na dhole hath na kanpe
Sans na teri phule
Khun pasina ho par
Ye baat na tujhko bhule
Ghar par rasta dekh rahe hai
Ghar par rasta dekh rahe hai
Bhukhe bache bhale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Eit aur pathar nahi hai boj hai teri garibi
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le, bojh utha le
Bojh utha le, bojh utha le

पिया तोसे नैना लागे रे

पिया तोसे नैना लागे रे, नैना लागे रे
जाने क्या हो अब आगे रे, नैना लागे रे
पिया तोसे नैना लागे रे

जग ने उतारे, धरती पे तारे
पर मन मेरा मुरझाये
उन बिन आई, ऐसी दीवाली
मिलने को जिया अकुलाये
आ सजन पायल पुकारे
झनक झन झन...
पिया तोसे नैना...

भोर की बेला सुहानी नदिया के तीरे
भर के गागर जिस घड़ी मैं चलूँ धीरे-धीरे
तुझपे नज़र जब जाए, जाने क्यों बज उठे कंगना
छनक छन छन...
पिया तोसे नैना...

आई होली आई हो, सब रंग लाई
बिन तेरे होली भी न भाए
भर पिचकारी, सखियों ने मारी
भीगी मोरी सारी हाय हाय
तन-बदन मोरा कांपे थर-थर
धिनक धिन धिन...
पिया तोसे नैना...

रात को जब चाँद चमके जल उठे तन मेरा
मैं कहूँ मत कर ओ चंदा इस गली का फेरा
आना मोरा सैयाँ जब आए
चमकना उस रात को जब
मिलेंगे तन-मन, मिलेंगे तन-मन
पिया तोसे नैना...

Movie/Album: गाईड (1965)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर

Friday, April 7, 2017

जीना यहाँ, मरना यहाँ

जीना यहाँ, मरना यहाँ
इसके सिवा जाना कहाँ
जी चाहे जब हमको आवाज़ दो
हम हैं वहीं, हम थे जहाँ
अपने यही दोनों जहां
इसके सिवा जाना कहाँ

ये मेरा गीत जीवन संगीत
कल भी कोई दोहरायेगा
जग को हँसाने बहरूपिया
रूप बदल फिर आयेगा
स्वर्ग यहीं, नर्क यहाँ
इसके सिवा जाना कहाँ
जी चाहे जब...

कल खेल में, हम हों न हों
गर्दिश में तारे रहेंगे सदा
भूलोगे तुम, भूलेंगे वो
पर हम तुम्हारे रहेंगे सदा
रहेंगे यहीं, अपने निशाँ
इसके सिवा जाना कहाँ
जी चाहे जब...

Movie/Album: मेरा नाम जोकर (1970)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश

Tuesday, April 4, 2017

मेरी चाहत रहेगी हमेशा जवां

मेरी चाहत रहेगी हमेशा जवां
जिस्म ढलने से जज़्बात ढलते नहीं
मौत आने से भी प्यार मरता नहीं
दम निकलने से अरमां निकलते नहीं |

लाख तूफ़ान हों, हम न घबराएंगे
तू न आएगी मिलने तो हम आएंगे
जान पर खेलने से झिझकते हैं जो
वो मुहब्बत की राहों पे चलते नहीं |

हमने छोड़ा न छोड़ेंगे दामन तेरा
जिसको अपना लिया, उसको अपना लिया
हो सके तो हमें उम्र-भर आज़मा
मौसमों की तरह हम बदलते नहीं |

तू मिले ना मिले पर सलामत रहे
दूर ही की सही तुझसे निस्बत रहे
ज़िन्दगी-भर तेरी मुझको हसरत रहे
हसरतों के बिना ख़्वाब पलते नहीं |


Friday, March 31, 2017

राजा साहब घर नहीं

Ba adad ba mulaheja ba hosiyar
Nahi nahi beadab be mulahija be muhar

(Raja sahab ghar nahi hamko kisi ka dar nahi
Aaj to gardan unchi karke kahenge ham so bar
Beadab be mulahija be muhar
Ba adad ba mulaheja ba hosiyar) – 2

Nachenge aur gayenge chikhenge chilayenge
Man marjee ka pahnenge mann marji ka khayenge
Mahal ki unchi diwaro se door hai pahredar
Beadab be mulahija be muhar
Ba adad ba mulaheja ba hosiyar
Chup gaddar

Ankhe jhuki jhuki ho kyun sanse ruki ruki ho kyun
Rajaji jab yaha nahi to bate ho betooki kyun
Aaj ke deen to band karo ye jhoot ka karobar
Beadab be mulahija be muhar
Ba adad ba mulaheja ba hosiyar

Rajo or sultano ka kissa gaye jamano ka – 2
Insano ke age kyun shish jhooke insano ka
Aye samjha yug inn rasmo se hai bejar
Beadab be mulahija be muhar
Ba adad ba mulaheja ba hosiyar



Monday, March 27, 2017

आज फिर जीने की तमन्ना है

काँटों से खींच के ये आँचल
तोड़ के बंधन बांधे पायल
कोई न रोको दिल की उड़ान को
दिल वो चला..
आज फिर जीने की तमन्ना है
आज फिर मरने का इरादा है

अपने ही बस में नहीं मैं
दिल है कहीं, तो हूँ कहीं मैं
जाने का पया के मेरी ज़िंदगी ने
हँस कर कहा..
आज फिर जीने...
मैं हूँ गुबार या तूफ़ां हूँ
कोई बताए मैं कहाँ हूँ
डर है सफ़र में कहीं खो न जाऊँ मैं
रस्ता नया..
आज फिर जीने...

कल के अंधेरों से निकल के
देखा है आँखें मलते-मलते
फूल ही फूल ज़िंदगी बहार है
तय कर लिया..
आज फिर जीने...

Movie/Album: गाईड (1965)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By:लता मंगेशकर


Tuesday, February 14, 2017

सिमट के आपकी बांहों में

हम जब सिमट के आपकी बांहों में आ गए
लाखों हसीन ख़्वाब निगाहों में आ गए

ख़ुशबू चमन को छोड़ के सांसों में घुल गई
लहरा के अपने-आप जवां ज़ुल्फ़ खुल गई
हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए

कह दी है दिल की बात नज़ारों के सामने
इक़रार कर लिया है बहारों के सामने
दोनों ज़हान आज गवाहों में आ गए

मस्ती भरी घटाओं की परछाइयों तले
हाथों में हाथ थाम के जब साथ हम चले
शाख़ों से फूल टूट के राहों में आ गए

Saturday, February 11, 2017

मेरा जूता है जापानी

मेरा जूता है जापानी ये पतलून इंगलिश्तानी
सर पे लाल टोपी रूसी फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी

निकल पड़े हैं खुल्ली सड़क पर अपना सीना ताने
मंजिल कहाँ, कहाँ रुकना है,उपरवाला जाने
बढ़ते जाए हम सैलानी, जैसे एक दरिया तूफानी
सर पे लाल टोपी रूसी

ऊपर-नीचे नीचे-ऊपर लहर चले जीवन की
नादान है जो बैठ किनारे, पूछे राह वतन की
चलना जीवन की कहानी, रुकना मौत की निशानी

होंगे राजे राजकुंवर हम बिगडे दिल शहज़ादे
हम सिंघासन पर जा बैठें जब जब करें इरादे
सूरत है जानी पहचानी दुनिया वालों को हैरानी

Movie/Album: श्री 420 (1955)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश


Thursday, January 26, 2017

धरती माँ का मान हमारा

धरती माँ का मान हमारा प्यारा लाल निशान
नवयुग की मुस्कान हमारा प्यारा लाल निशान

पूंजीवाद से दब न सकेगा ये मजदूर किसान का झण्डा
मेहनत का हक ले के रहेगा, मेहनत इंसान का झण्डा
योद्धा और बलवान हमारा, प्यारा लाल निशान

इस झंडे से सांस उखड़ती चोर मुनाफाखोरों की
जिन्होंने इन्सानों की हालत कर दी डंगर ढोरों की
उनके खिलाफ ऐलान हमारा, प्यारा लाल निशान

फ़ैक्टरियों के धूल धुयेँ में हमने खुद को पाला
खून पिलाकर लोहे को इस देश का भार संभाला
मेहनत के इस पूजा-घर पर पड़ न सकेगा ताला
देश के साधन देश का धन हैं, जान ले पूंजीवाला
जीतेगा मैदान हमारा, प्यारा लाल निशान।

[Movie : समाज को बदल डालो 1970]

Monday, January 23, 2017

मुड़-मुड़ के न देख, मुड़-मुड़ के

मुड़-मुड़ के न देख, मुड़-मुड़ के
ज़िंदगानी के सफ़र में तू अकेला ही नहीं है
हम भी तेरे हमसफ़र हैं

आये गये मंज़िलों के निशाँ
लहरा के झूमा झुका आसमाँ
लेकिन रुकेगा न ये कारवाँ
मुड़-मुड़ के न देख...

नैनों से नैना जो मिला के देखे
मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे
दुनिया उसी की है जो आगे देखे
मुड़-मुड़ के न देख...

दुनिया के साथ जो बदलता जाये
जो इसके साँचे में ही ढलता जाये
दुनिया उसी की है जो चलता जाये
मुड़-मुड़ के न देख...

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: आशा भोंसले, मन्ना डे

Friday, January 20, 2017

तेरे दर पे आया हूं

तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा
झोली भर के जाऊंगा या मर के जाऊंगा

तू सब कुछ जाने है
हर ग़म पहचाने है
जो दिल की उलझन है
सब तुझ पे रौशन है
घायल परवाना हूं
वहशी दीवाना हूं
तेरी शोहरत सुन-सुन के उम्मीदें लाया हूं
तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा

दिल ग़म से हैरां है
मेरी दुनिया वीरां है
नज़रों की प्यास बुझा
मेरा बिछड़ा यार मिला
अब या ग़म छूटेगा
वरना दम टूटेगा
अब जीना मुश्किल है, फ़रियादें लाया हूं
तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...