Tuesday, April 4, 2017

मेरी चाहत रहेगी हमेशा जवां

मेरी चाहत रहेगी हमेशा जवां
जिस्म ढलने से जज़्बात ढलते नहीं
मौत आने से भी प्यार मरता नहीं
दम निकलने से अरमां निकलते नहीं |

लाख तूफ़ान हों, हम न घबराएंगे
तू न आएगी मिलने तो हम आएंगे
जान पर खेलने से झिझकते हैं जो
वो मुहब्बत की राहों पे चलते नहीं |

हमने छोड़ा न छोड़ेंगे दामन तेरा
जिसको अपना लिया, उसको अपना लिया
हो सके तो हमें उम्र-भर आज़मा
मौसमों की तरह हम बदलते नहीं |

तू मिले ना मिले पर सलामत रहे
दूर ही की सही तुझसे निस्बत रहे
ज़िन्दगी-भर तेरी मुझको हसरत रहे
हसरतों के बिना ख़्वाब पलते नहीं |


इक परदेशी दूर से आया

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