मेरी चाहत रहेगी हमेशा जवां
जिस्म ढलने से जज़्बात ढलते नहीं
मौत आने से भी प्यार मरता नहीं
दम निकलने से अरमां निकलते नहीं |
लाख तूफ़ान हों, हम न घबराएंगे
तू न आएगी मिलने तो हम आएंगे
जान पर खेलने से झिझकते हैं जो
वो मुहब्बत की राहों पे चलते नहीं |
हमने छोड़ा न छोड़ेंगे दामन तेरा
जिसको अपना लिया, उसको अपना लिया
हो सके तो हमें उम्र-भर आज़मा
मौसमों की तरह हम बदलते नहीं |
तू मिले ना मिले पर सलामत रहे
दूर ही की सही तुझसे निस्बत रहे
ज़िन्दगी-भर तेरी मुझको हसरत रहे
हसरतों के बिना ख़्वाब पलते नहीं |
जिस्म ढलने से जज़्बात ढलते नहीं
मौत आने से भी प्यार मरता नहीं
दम निकलने से अरमां निकलते नहीं |
लाख तूफ़ान हों, हम न घबराएंगे
तू न आएगी मिलने तो हम आएंगे
जान पर खेलने से झिझकते हैं जो
वो मुहब्बत की राहों पे चलते नहीं |
हमने छोड़ा न छोड़ेंगे दामन तेरा
जिसको अपना लिया, उसको अपना लिया
हो सके तो हमें उम्र-भर आज़मा
मौसमों की तरह हम बदलते नहीं |
तू मिले ना मिले पर सलामत रहे
दूर ही की सही तुझसे निस्बत रहे
ज़िन्दगी-भर तेरी मुझको हसरत रहे
हसरतों के बिना ख़्वाब पलते नहीं |