गाता रहे मेरा दिल
तू ही मेरी मंज़िल
कहीं बीतें ना ये रातें
कहीं बीतें ना ये दिन
प्यार करने वाले, अरे प्यार ही करेंगे
जलने वाले चाहे जल-जल मरेंगे
मिलके जो धड़के हैं दो दिल हरदम ये कहेंगे
कहीं बीतें ना...
ओ मेरे हमराही, मेरी बाँह थामे चलना
बदले दुनिया सारी, तुम न बदलना
प्यार हमे भी सिखला देगा, गर्दिश में सम्भलना
कहीं बीतें ना...
दूरियाँ अब कैसी, अरे शाम जा रही है
हमको ढलते-ढलते समझा रही है
आती-जाती साँस जाने कब से गा रही है
कहीं बीतें ना...
तू ही मेरी मंज़िल
कहीं बीतें ना ये रातें
कहीं बीतें ना ये दिन
प्यार करने वाले, अरे प्यार ही करेंगे
जलने वाले चाहे जल-जल मरेंगे
मिलके जो धड़के हैं दो दिल हरदम ये कहेंगे
कहीं बीतें ना...
ओ मेरे हमराही, मेरी बाँह थामे चलना
बदले दुनिया सारी, तुम न बदलना
प्यार हमे भी सिखला देगा, गर्दिश में सम्भलना
कहीं बीतें ना...
दूरियाँ अब कैसी, अरे शाम जा रही है
हमको ढलते-ढलते समझा रही है
आती-जाती साँस जाने कब से गा रही है
कहीं बीतें ना...
Movie/Album: गाईड (1965)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर