Saturday, September 16, 2017

चढ़ गयो पापी बिछुआ

ओ बिछुआ
हाय रे
पीपल छैंया
बैठी पल भर
हो
धर के गगरिया
हाय रे
हाय रे – 3

होय ओय ओय ओय ओय
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ

हो
हो ओ
मन्तर फेरूँ हूँ
कोमल काया ओ
छोड़ के जा रे
छू
जा रे – 3

होय ओय ओय ओय ओय
ओ और भी चढ़ गयो
ना गयो पापी बिछुआ
ओ और भी चढ़ गयो
ना गयो पापी बिछुआ
कैसी आग लगा गयो पापी बिछुआ
ओ कैसी आग लगा गयो पापी बिछुआ
सारे बदन पे छा गयो पापी बिछुआ
सारे बदन पे छा गयो पापी बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ


हाय रे
मन्तर झूठा
हां बैद भी झूठा
हो
पिया घर आ रे
आ रे
आ रे – 3

ओय ओय ओय ओय
देखो रे देखो रे
देखो उतर गयो बिछुआ
ओ देखो रे देखो रे
देखो उतर गयो बिछुआ
हे टूट के रह गयो
डन्क उतर गयो बिछुआ
ओ टूट के रह गयो
डन्क उतर गयो बिछुआ
सैंया को देख के
जाने किधर गयो बिछुआ
ओ सैंया को देख के
जाने किधर गयो बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ


फ़िल्म: मधुमती / Madhumati (1958)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, मन्ना डे
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: जॉनीवाकर, प्राण, दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला, जयंत


इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...