Monday, March 27, 2017

आज फिर जीने की तमन्ना है

काँटों से खींच के ये आँचल
तोड़ के बंधन बांधे पायल
कोई न रोको दिल की उड़ान को
दिल वो चला..
आज फिर जीने की तमन्ना है
आज फिर मरने का इरादा है

अपने ही बस में नहीं मैं
दिल है कहीं, तो हूँ कहीं मैं
जाने का पया के मेरी ज़िंदगी ने
हँस कर कहा..
आज फिर जीने...
मैं हूँ गुबार या तूफ़ां हूँ
कोई बताए मैं कहाँ हूँ
डर है सफ़र में कहीं खो न जाऊँ मैं
रस्ता नया..
आज फिर जीने...

कल के अंधेरों से निकल के
देखा है आँखें मलते-मलते
फूल ही फूल ज़िंदगी बहार है
तय कर लिया..
आज फिर जीने...

Movie/Album: गाईड (1965)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By:लता मंगेशकर


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