हर तरफ़ हुस्न है जवानी है, आज की रात क्या सुहानी है
रेशमी जिस्म थरथराते हैं, मरमरी ख़्वाब गुनगुनाते हैं
धड़कनों में सुरूर फैला है, रंग नजदीक-ओ-दूर फैला है
दावत-ए-इश्क़ दे रही है फ़ज़ा, आज हो जा किसी हसीं पे फ़िदा
मुहब्बत बड़े काम की चीज़ है, काम की चीज़ है
मुहब्बत के दम से है दुनिया की रौनक
मुहब्बत ना होती तो कुछ भी ना होता
नजर और दिल की पनाहों की खातिर
ये जन्नत ना होती तो कुछ भी ना होता
यही एक आराम की चीज़ है, काम की चीज़ है
किताबों में छपते हैं चाहत के किस्से
हक़ीकत की दुनिया में चाहत नहीं
ज़माने के बाज़ार में ये वो शह है
कि जिसकी किसी को ज़रूरत नहीं है
ये बेकार, बेदाम की चीज़ है
ये कुदरत के इनाम की चीज़ है
ये बस नाम ही नाम की चीज़ है
मुहब्बत से इतना खफ़ा होने वाले
चल आ! आज तुझको मुहब्बत सिखा दे
तेरा दिल जो बरसों से वीरां पड़ा है
किसी नाज़नीनां को इसमें बसा दें
मेरा मशवरा काम की चीज़ है, काम की चीज़ है
रेशमी जिस्म थरथराते हैं, मरमरी ख़्वाब गुनगुनाते हैं
धड़कनों में सुरूर फैला है, रंग नजदीक-ओ-दूर फैला है
दावत-ए-इश्क़ दे रही है फ़ज़ा, आज हो जा किसी हसीं पे फ़िदा
मुहब्बत बड़े काम की चीज़ है, काम की चीज़ है
मुहब्बत के दम से है दुनिया की रौनक
मुहब्बत ना होती तो कुछ भी ना होता
नजर और दिल की पनाहों की खातिर
ये जन्नत ना होती तो कुछ भी ना होता
यही एक आराम की चीज़ है, काम की चीज़ है
किताबों में छपते हैं चाहत के किस्से
हक़ीकत की दुनिया में चाहत नहीं
ज़माने के बाज़ार में ये वो शह है
कि जिसकी किसी को ज़रूरत नहीं है
ये बेकार, बेदाम की चीज़ है
ये कुदरत के इनाम की चीज़ है
ये बस नाम ही नाम की चीज़ है
मुहब्बत से इतना खफ़ा होने वाले
चल आ! आज तुझको मुहब्बत सिखा दे
तेरा दिल जो बरसों से वीरां पड़ा है
किसी नाज़नीनां को इसमें बसा दें
मेरा मशवरा काम की चीज़ है, काम की चीज़ है