Wednesday, July 4, 2018

अपनी खातिर जीना है

अपनी खातिर जीना है, अपनी खातिर मरना है
होने दो जो होता है, अपने को क्या करना है।

जिनको जग की चिंता है, वो जग का दुख झेलेंगे
हम सडकों पर नाचेंगे फुटपाथों पर खेलेंगे
उनको आहें भरने दो जिनको आहें भरना है।

प्यार की शिक्षा मांगी तो लोगों ने दुत्कार दिया
आखिर हमने दुनिया को बूट की नोक से मार दिया
यूँ ही उमर गुजरना थी, यूँ ही उमर गुजरना है।

अपने जैसे बेफिक्रे और नहीं इस बस्ती में
दुनिया गम में डूबी है हम दुबे हैं मस्ती में
जीना है तो जीना है, मरना है तो मरना है।


इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...