चाहे कोई खुश हो चाहे गालियाँ हज़ार दे
मस्त राम बन के जिंदगी के दिन गुजार दे।
पी के धांधली करूं, तो मुझको जेल भेज दो
सूंघने में क्या है ये, जवाब थानेदार दे।
भाव अगर बड़ा भी डाले सेठ यार गम न कर
खाए जा मजे के साथ जब तक उधार दे।
बाँट कर जो खाए उस पे अपने जानो दिल लुटा
जो बचाए माल उसको जूतियों का हार दे।
मस्त राम बन के जिंदगी के दिन गुजार दे।
पी के धांधली करूं, तो मुझको जेल भेज दो
सूंघने में क्या है ये, जवाब थानेदार दे।
भाव अगर बड़ा भी डाले सेठ यार गम न कर
खाए जा मजे के साथ जब तक उधार दे।
बाँट कर जो खाए उस पे अपने जानो दिल लुटा
जो बचाए माल उसको जूतियों का हार दे।