Sunday, July 1, 2018

अश्कों ने जो पाया है

अश्कों ने जो पाया है वो गीतों में दिया है
इस पर भी सुना है के जमाने को गिला है। 

जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है
जो साज़ पे गुज़री है वो किस दिल को पता है।

हम फूल हैं औरों के लिए लाये हैं खुशबू
अपने लिए ले दे के इक दाग मिला है।

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...