Thursday, July 26, 2018

इक रास्ता है जिंदगी जो थम गए तो कुछ नहीं

इक रास्ता है जिंदगी जो थम गए तो कुछ नहीं
ये कदम किसी मुकाम पे जो जम गए तो कुछ नहीं

ओ जाते राही ! ओ बाँके राही!
मेरी बाँहों को, इन राहों को
तू छोड़ के ना जा, तू वापस आ जा

वो हुस्न के जलवे हों, या इश्क की आवाजें
आज़ाद परिंदों की रूकती नहीं परवाज़ें
आते हुए क़दमों से, जाते हुए क़दमों से
भरी रहेगी रहगुज़र, जो हम गए तो कुछ नहीं

ऐसा गज़ब नहीं ढाना,
पिया मत जाना बिदेसवा रे
हमका भी संग लिए जाना
पिया जब जाना बिदेसवा रे

जाते हुए राही के साये में सिमटना क्या
इक पल के मुसाफिर के दमन से लिपटना क्या
आते हुए क़दमों से, जाते हुए क़दमों से
भरी रहेगी रहगुज़र, जो हम गए तो कुछ नहीं

ये कदम किसी मुकाम पे जो जम गए तो कुछ नहीं
इक रास्ता है जिंदगी जो थम गए तो कुछ नहीं ।

Sunday, July 15, 2018

दिल कहे रुक जा रे रुक जा, यहीं पे कहीं

दिल कहे रुक जा रे रुक जा, यहीं पे कहीं
जो बात (२) इस जगह में, है कहीं पे नहीं

पर्बत ऊपर खिड़की खूले, झाँके सुन्दर भोर,
चले पवन सुहानी
नदियों के ये राग रसीले, झरनों का ये शोर
बहे झर झर पानी
मद भरा, मद भरा समा, बन धुला-धुला
हर कली सुख पली यहाँ, रस घुला-घुला
तो दिल कहे रुक जा हे रुक जा...

नीली नीली झील में झलके नील गगन का रूप
बहे रंग के धारे
ऊंचे-ऊंचे पेड़ घनेरे, छनती जिनसे धूप
खड़ी बाँह पसारे
चम्पई चम्पई फ़िजा, दिन खिला-खिला
डाली-डाली चिड़ियों कि सदा, सुर मिला-मिला
तो दिल कहे रुक जा रे रुक...

परियों के ये जमघट, जिनके फूलों जैसे गाल
सब शोख हथेली
इनमें है वो अल्हड़ जिसकी हिरणी जैसी चाल
बडी छैल-छबीली
मनचली-मनचली अदा, छब जवां जवां
हर घड़ी चढ़ रहा नशा, सुध रही कहाँ
तो दिल कहे रुक जा रे रुक जा...|

Sunday, July 8, 2018

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है
कि जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए
तू अबसे पहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिए ।

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि ये बदन, ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी खातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं ।

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि जैसे बजती है शहनाइयाँ सी राहों में
सुहागरात है घूंघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है तू शरमा अपनी बाहों में ।

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है
कि जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँ ही
उठेगी मेरी तरफ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ कि तू गैर है मगर यूँ ही
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है।

Saturday, July 7, 2018

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा सर उठाओ तो कोई बात बने।

ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती ज़िन्दगी बढ़ के छीनी जाती है
अपना हक संगदिल ज़माने से छीन पाओ तो कोई बात बने।

रंग और नस्ल, जात और मज़हब जो भी हो आदमी से कमतर है
इस हकीकत को तुम भी मेरी तरह मान जाओ तो कोई बात बने।

नफरतों के जहान में हमको प्यार की बस्तियां बसानी हैं
दूर रहना कोई कमाल नहीं पास आओ तो कोई बात बने।

Thursday, July 5, 2018

न तू जमीं के लिए है, न आसमां के लिए

न तू जमीं के लिए है, न आसमां के लिए
तेरा वजूद है अब सिर्फ दास्तां के लिए। 

पलट के सू-ए-चमन देखने से क्या होगा
वो शाख ही ना रही, जो थी आशियां के लिए।

गरज परस्त जहां में वफ़ा तलाश न कर
यह शै बनी थी, किसी दूसरे जहां के लिए।

Wednesday, July 4, 2018

अपनी खातिर जीना है

अपनी खातिर जीना है, अपनी खातिर मरना है
होने दो जो होता है, अपने को क्या करना है।

जिनको जग की चिंता है, वो जग का दुख झेलेंगे
हम सडकों पर नाचेंगे फुटपाथों पर खेलेंगे
उनको आहें भरने दो जिनको आहें भरना है।

प्यार की शिक्षा मांगी तो लोगों ने दुत्कार दिया
आखिर हमने दुनिया को बूट की नोक से मार दिया
यूँ ही उमर गुजरना थी, यूँ ही उमर गुजरना है।

अपने जैसे बेफिक्रे और नहीं इस बस्ती में
दुनिया गम में डूबी है हम दुबे हैं मस्ती में
जीना है तो जीना है, मरना है तो मरना है।


Tuesday, July 3, 2018

चाहे कोई खुश हो

चाहे कोई खुश हो चाहे गालियाँ हज़ार दे
मस्त राम बन के जिंदगी के दिन गुजार दे।

पी के धांधली करूं, तो मुझको जेल भेज दो
सूंघने में क्या है ये, जवाब थानेदार दे।

भाव अगर बड़ा भी डाले सेठ यार गम न कर
खाए जा मजे के साथ जब तक उधार दे।

बाँट कर जो खाए उस पे अपने जानो दिल लुटा
जो बचाए माल उसको जूतियों का हार दे।

Monday, July 2, 2018

संसार की हर शै का इतना ही फ़साना है

संसार की हर शै का इतना ही फ़साना है
इक धुंध से आना है, इक धुंध में जाना है।

ये राह कहाँ से है, ये राह कहाँ तक है
ये राज़ कोई राही, समझा है न जाना है।

इक पल की पलक पर है ठहरी हुयी ये दुनिया
इक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है।

क्या जाने कोई किस पर किस मोड़ पे क्या बीते
इस राह में ऐ राही हर मोड़ बहाना है।

हम लोग खिलौने हैं, इक ऐसे खिलाडी के
जिसको अभी सदियों तक ये खेल रचाना है।



Sunday, July 1, 2018

अश्कों ने जो पाया है

अश्कों ने जो पाया है वो गीतों में दिया है
इस पर भी सुना है के जमाने को गिला है। 

जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है
जो साज़ पे गुज़री है वो किस दिल को पता है।

हम फूल हैं औरों के लिए लाये हैं खुशबू
अपने लिए ले दे के इक दाग मिला है।

जिंदगी हंसने गाने के लिए है पल दो पल

जिंदगी हंसने गाने के लिए है पल दो पल
इसे खोना नहीं, खो के रोना नहीं...

तेरे गिरने में भी तेरी हार नहीं
कि तू आदमी है, अवतार नहीं
जो देश वो भेष बना प्यारे
चले जैसे भी काम चला प्यारे
प्यारे तू गम न कर ..

जहाँ सच न चले वहाँ झूठ सही
जहाँ हक़ न मिले वहाँ लूट सही
यहाँ चोर हैं सब कोई साध नहीं
दुःख ढूँढ ले सुख अपराध नहीं
प्यारे तू गम न कर..

जिंदगी हंसने गाने के लिए है पल दो पल
इसे खोना नहीं, खो के रोना नहीं...

[Singer : Kishore Kumar;
 Music : Sapan Chakravarty; 
 Producer : B.R.Chopra;
Director: Ravi Chopra; 
Artist : Amitabh]

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...