Saturday, July 7, 2018

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा सर उठाओ तो कोई बात बने।

ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती ज़िन्दगी बढ़ के छीनी जाती है
अपना हक संगदिल ज़माने से छीन पाओ तो कोई बात बने।

रंग और नस्ल, जात और मज़हब जो भी हो आदमी से कमतर है
इस हकीकत को तुम भी मेरी तरह मान जाओ तो कोई बात बने।

नफरतों के जहान में हमको प्यार की बस्तियां बसानी हैं
दूर रहना कोई कमाल नहीं पास आओ तो कोई बात बने।

Thursday, July 5, 2018

न तू जमीं के लिए है, न आसमां के लिए

न तू जमीं के लिए है, न आसमां के लिए
तेरा वजूद है अब सिर्फ दास्तां के लिए। 

पलट के सू-ए-चमन देखने से क्या होगा
वो शाख ही ना रही, जो थी आशियां के लिए।

गरज परस्त जहां में वफ़ा तलाश न कर
यह शै बनी थी, किसी दूसरे जहां के लिए।

Wednesday, July 4, 2018

अपनी खातिर जीना है

अपनी खातिर जीना है, अपनी खातिर मरना है
होने दो जो होता है, अपने को क्या करना है।

जिनको जग की चिंता है, वो जग का दुख झेलेंगे
हम सडकों पर नाचेंगे फुटपाथों पर खेलेंगे
उनको आहें भरने दो जिनको आहें भरना है।

प्यार की शिक्षा मांगी तो लोगों ने दुत्कार दिया
आखिर हमने दुनिया को बूट की नोक से मार दिया
यूँ ही उमर गुजरना थी, यूँ ही उमर गुजरना है।

अपने जैसे बेफिक्रे और नहीं इस बस्ती में
दुनिया गम में डूबी है हम दुबे हैं मस्ती में
जीना है तो जीना है, मरना है तो मरना है।


Tuesday, July 3, 2018

चाहे कोई खुश हो

चाहे कोई खुश हो चाहे गालियाँ हज़ार दे
मस्त राम बन के जिंदगी के दिन गुजार दे।

पी के धांधली करूं, तो मुझको जेल भेज दो
सूंघने में क्या है ये, जवाब थानेदार दे।

भाव अगर बड़ा भी डाले सेठ यार गम न कर
खाए जा मजे के साथ जब तक उधार दे।

बाँट कर जो खाए उस पे अपने जानो दिल लुटा
जो बचाए माल उसको जूतियों का हार दे।

Monday, July 2, 2018

संसार की हर शै का इतना ही फ़साना है

संसार की हर शै का इतना ही फ़साना है
इक धुंध से आना है, इक धुंध में जाना है।

ये राह कहाँ से है, ये राह कहाँ तक है
ये राज़ कोई राही, समझा है न जाना है।

इक पल की पलक पर है ठहरी हुयी ये दुनिया
इक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है।

क्या जाने कोई किस पर किस मोड़ पे क्या बीते
इस राह में ऐ राही हर मोड़ बहाना है।

हम लोग खिलौने हैं, इक ऐसे खिलाडी के
जिसको अभी सदियों तक ये खेल रचाना है।



Sunday, July 1, 2018

अश्कों ने जो पाया है

अश्कों ने जो पाया है वो गीतों में दिया है
इस पर भी सुना है के जमाने को गिला है। 

जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है
जो साज़ पे गुज़री है वो किस दिल को पता है।

हम फूल हैं औरों के लिए लाये हैं खुशबू
अपने लिए ले दे के इक दाग मिला है।

जिंदगी हंसने गाने के लिए है पल दो पल

जिंदगी हंसने गाने के लिए है पल दो पल
इसे खोना नहीं, खो के रोना नहीं...

तेरे गिरने में भी तेरी हार नहीं
कि तू आदमी है, अवतार नहीं
जो देश वो भेष बना प्यारे
चले जैसे भी काम चला प्यारे
प्यारे तू गम न कर ..

जहाँ सच न चले वहाँ झूठ सही
जहाँ हक़ न मिले वहाँ लूट सही
यहाँ चोर हैं सब कोई साध नहीं
दुःख ढूँढ ले सुख अपराध नहीं
प्यारे तू गम न कर..

जिंदगी हंसने गाने के लिए है पल दो पल
इसे खोना नहीं, खो के रोना नहीं...

[Singer : Kishore Kumar;
 Music : Sapan Chakravarty; 
 Producer : B.R.Chopra;
Director: Ravi Chopra; 
Artist : Amitabh]

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...