Monday, July 3, 2017

रमैय्या वस्तावैय्या

रमैय्या वस्तावैय्या, रमैय्या वस्तावैय्या
मैंने दिल तुझको दिया

नैनों में थी प्यार की रोशनी
तेरी आँखों में ये दुनियादारी ना थी
तू और था, तेरा दिल और था
तेरे मन में ये मीठी कटारी ना थी
मैं जो दुःख पाऊं तो क्या, आज पछताऊं तो क्या
मैंने दिल तुझको...

उस देश में, तेरे परदेस में
सोने चांदी के बदले में बिकते हैं दिल
इस गाँव में, दर्द की छाँव में
प्यार के नाम पर ही तड़पते हैं दिल
चाँद तारों के टेल, रात ये गाती चले
मैंने दिल तुझको...

याद आती रही, दिल दुखाती रही
अपने मन को मनाना न आया हमें
तू ना आए तो क्या, भूल जाए तो क्या
प्यार करके भुलाना न आया हमें
वहीं से दूर से ही, तू भी ये कह दे कभी
मैंने दिल तुझको...

रास्ता वही और मुसाफिर वही
एक तारा न जाने कहाँ छुप गया
दुनिया वही, दुनियावाले वही
कोई क्या जाने किसका जहां लूट गया
मेरी आँखों में रहे, कौन जो तुझसे कहे
मैंने दिल तुझको...


Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर, मो.रफ़ी, मुकेश

Tuesday, June 13, 2017

खुले गगन के नीचे पंछी

खुले गगन के नीचे पंछी, घूमें डाली डाली
मैं क्या जानूं उड़ना क्या है, मैं पिंजरे की पाली

शीशे के ताबूत में जैसे, मछली माथा पटके
पत्थर के इस बंदी घर में, मेरी आत्मा भटके

गमले के इस फूल का जीवन, मेरी कथा सुनाये
इसी के अंदर खिले बिचारा, इसी में मुरझा जाये|

[ Movie : मेहमान-1974 ]

Saturday, June 10, 2017

क्या मिलिये ऐसे लोगों से

क्या मिलिये ऐसे लोगों से, जिनकी फ़ितरत छुपी रहे
नकली चेहरा सामने आए, असली सूरत छुपी रहे |

खुद से भी जो खुद को छुपाएं, क्या उनसे पहचान करें
क्या उनके दामन से लिपटें, क्या उनका अरमान करें
जिनकी आधी नीयत उभरे, आधी नीयत छुपी रहे
दिलदारी का ढोंग रचाकर, जाल बिछाएं बातों का
जीते-जी का रिश्ता कहकर, सुख ढूंढे कुछ रातों का
रूह की हसरत लब पे आए, जिस्म की हसरत छुपी रहे

जिनके ज़ुल्म से दुखी है जनता, हर बस्ती हर गांव में
दया-धरम की बात करें वो बैठ के सजी सभाओं में
दान का चर्चा घर घर पहुंचे, लूट की दौलत छुपी रहे

देखें इन नकली चेहरों की कब तक जय-जयकार चले
उजले कपड़ों की तह में कब तक काला संसार चले
कब तक लोगों की नज़रों से छुपी हकीकत छुपी रहे

Wednesday, June 7, 2017

गाता रहे मेरा दिल

गाता रहे मेरा दिल
तू ही मेरी मंज़िल
कहीं बीतें ना ये रातें
कहीं बीतें ना ये दिन

प्यार करने वाले, अरे प्यार ही करेंगे
जलने वाले चाहे जल-जल मरेंगे
मिलके जो धड़के हैं दो दिल हरदम ये कहेंगे
कहीं बीतें ना...

ओ मेरे हमराही, मेरी बाँह थामे चलना
बदले दुनिया सारी, तुम न बदलना
प्यार हमे भी सिखला देगा, गर्दिश में सम्भलना
कहीं बीतें ना...

दूरियाँ अब कैसी, अरे शाम जा रही है
हमको ढलते-ढलते समझा रही है
आती-जाती साँस जाने कब से गा रही है
कहीं बीतें ना...

Movie/Album: गाईड (1965)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

Thursday, May 25, 2017

क़ज़ा ज़ालिम सही

क़ज़ा ज़ालिम सही, ये ज़ुल्म वो भी कर नहीं सकती
जहां में कैस ज़िंदा है, तो लैला मर नहीं सकती
ये दावा आज दुनिया-भर से मनवाने की खातिर आ
ये दीवाने की ज़िद है, अपने दीवाने की खातिर आ

तेरे दर से मैं खाली लौट जाऊं, क्या कयामत है
तू मेरी रूह का काबा, मेरी जाने-इबादत है
जबीने-शौक के सजदों को अपनाने की खातिर आ

मेरी दीवानगी की, मेरी वहशत की कसम तुझको
गुरूर-ए-इश्क़ की, नाज़े-मुहब्बत की कसम तुझको
जमाने को वफ़ा की शान दिखलाने की खातिर आ

मैं तेरे हुस्न का सदका उतारूं, सामने आजा
गिरेबां धज्जियां कर-करके वारूं सामने आजा
शिकस्ता-पर, परेशां-हाल परवाने की खातिर आ

Friday, May 19, 2017

बोझ उठा ले साथी

Bojh utha le o
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Eit aur pathar nahi hai boj hai teri garibi
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale

Bukh humko janam diya
Mehnat ne humko pala
Bukh humko janam diya
Mehnat ne humko pala
Ham logo ka is duniya mein
Koi nahi rakhawala
Ham logo ka is duniya mein
Koi nahi rakhawala
Sirf apni baho ka bal hai
Jo paapo ko tale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Eit aur pathar nahi hai boj hai teri garibi
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale

Paon na dhole hath na kanpe
Sans na teri phule
Paon na dhole hath na kanpe
Sans na teri phule
Khun pasina ho par
Ye baat na tujhko bhule
Ghar par rasta dekh rahe hai
Ghar par rasta dekh rahe hai
Bhukhe bache bhale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Eit aur pathar nahi hai boj hai teri garibi
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le saathi bojh uthale
Bojh utha le, bojh utha le
Bojh utha le, bojh utha le

पिया तोसे नैना लागे रे

पिया तोसे नैना लागे रे, नैना लागे रे
जाने क्या हो अब आगे रे, नैना लागे रे
पिया तोसे नैना लागे रे

जग ने उतारे, धरती पे तारे
पर मन मेरा मुरझाये
उन बिन आई, ऐसी दीवाली
मिलने को जिया अकुलाये
आ सजन पायल पुकारे
झनक झन झन...
पिया तोसे नैना...

भोर की बेला सुहानी नदिया के तीरे
भर के गागर जिस घड़ी मैं चलूँ धीरे-धीरे
तुझपे नज़र जब जाए, जाने क्यों बज उठे कंगना
छनक छन छन...
पिया तोसे नैना...

आई होली आई हो, सब रंग लाई
बिन तेरे होली भी न भाए
भर पिचकारी, सखियों ने मारी
भीगी मोरी सारी हाय हाय
तन-बदन मोरा कांपे थर-थर
धिनक धिन धिन...
पिया तोसे नैना...

रात को जब चाँद चमके जल उठे तन मेरा
मैं कहूँ मत कर ओ चंदा इस गली का फेरा
आना मोरा सैयाँ जब आए
चमकना उस रात को जब
मिलेंगे तन-मन, मिलेंगे तन-मन
पिया तोसे नैना...

Movie/Album: गाईड (1965)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...