Thursday, August 16, 2018

बाग़ में कली खिली बगिया महकी

बाग़ में कली खिली बगिया महकी पर हाय रे 
अभी इधर भँवरा नहीं आया
राह में नज़र बिची बहकी-बहकी और बेवजह
घड़ी घड़ी ये दिल घबराया हाय रे
क्यों न आया, क्यों न आया, क्यों न आया

बैठे हैं हम तो अरमाँ जगाये
सीने में लाखों तूफ़ाँ छुपाये 
मत पूछ मन को कैसे मनाया 
बाग़ में ... 

सपने जो आये तड़पाके जाये
दिल की लगी को दहकाके जाये
मुश्किल से हम ने हर दिन बिताया
बाग़ में ... 

इक मीठी अगनी में जलता है तन-मन 
बात और बिगड़ी आया जो सावन 
बचपन गँवाके मैं ने सब कुछ गँवाया 
बाग़ में ...


चित्रपट / Film: Chand Aur Suraj
संगीतकार / Music Director: Salil Choudhary
गीतकार / Lyricist: शैलेन्द्र-(Shailendra)
गायक / Singer(s): आशा भोसले-(Asha)

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