Saturday, April 30, 2016

नीले पर्बतों की धारा

नीले पर्बतों की धारा,
आयी ढूँढने किनारा बड़ी दूर से
सब को सहारा चाहिये
कोई हमारा चाहिये

फूल में जैसे फूल की खुशबू
दिल में है यूँ तेरा बसेरा
धरती से अम्बर तक फैला
चाहत की बाहों का घेरा

सूरज पीछे घूमे धरती
साँझ के पीछे घूमे सवेरा
जिस नाते ने इनको बाँधे
वो नाता है तेरा मेरा

Thursday, April 21, 2016

ज़िन्दगी के रंग कई रे

ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !
ज़िन्दगी के रंग कई रे!

ज़िन्दगी दिलों को कभी जोड़ती भी है
ज़िन्दगी दिलों को कभी तोड़ती भी है
ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !

ज़िन्दगी की राह में ख़ुशी के फूल भी
ज़िन्दगी की राह में ग़मों की धूल भी
ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !

ज़िन्दगी कभी यक़ीं कभी ग़ुमान है
हर क़दम पे तेरा-मेरा इम्तहान है
ज़िन्दगी के रंग कई रे साथी रे !

Wednesday, March 23, 2016

इतनी जल्दी ना करो रात

इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा
आप जायेंगे तो जज्बात का दिल टूटेगा

सारी रात न जागे तो जवानी क्या
सुबह तक न चले तो कहानी क्या
जुल्फ जो हमने बनाई थी, वो बिखरी भी नहीं
रंग पे आ के ये महफिल अभी निखरी भी नहीं
शम्मा का, साज का, नगमात का दिल टूटेगा
इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा |

गर्म सांसों से जरा जिस्म पिघलने दीजिए
चाहने वालों के अरमान निकलने दीजिए
कम से कम प्यार का इल्जाम तो लेते जाएं
आज की रात का इनाम तो लेते जाएं
चल दिए आप तो हर बात का दिल टूटेगा
इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा

Tuesday, March 1, 2016

प्यार हुआ इक़रार हुआ है

प्यार हुआ इक़रार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल, रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल
प्यार हुआ इक़रार हुआ...

कहो की अपनी प्रीत का मीत ना बदलेगा कभी
तुम भी कहो इस राह का मीत न बदलेगा कभी
प्यार जो टूटा, साथ जो छूटा
चाँद न चमकेगा कभी
प्यार हुआ इकरार हुआ...

रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ
प्रीत हमारे प्यार के दोहराएंगी जवानियाँ
मैं न रहूँगी, तुम न रहोगे
फिर भी रहेंगी निशानियाँ
प्यार हुआ इक़रार हुआ...

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर, मन्ना डे


Saturday, February 27, 2016

रात के हमसफ़र थक के घर को चले

रात के हमसफ़र, थक के घर को चले
झूमती आ रही है सुबह प्यार की
देख कर सामने, रूप की रोशनी
फिर लुटी जा रही है सुबह प्यार की

सोने वालों को हँसकर जगाना भी है
रात के जागतों को सुलाना भी है
दिल की है जागने की सदा साथ ही
लोरियां गा रही है सुबह प्यार की
रात के हमसफ़र...

रात ने प्यार के जाम भर कर दिए
आँखों आँखों से जो मैंने तुमने पिए
होश तो अब तलक जाके लौटे नहीं
और क्या ला रही है सुबह प्यार की
रात के हमसफ़र...

क्या क्या वादे हुए किसने खाई कसम
इस नयी राह पर हमने रखे कदम
छुप सका प्यार कब हम छुपाएँ तो क्या
सब समझ पा रही है सुबह प्यार की
रात के हमसफ़र...

Movie/Album: ऐन इवनिंग इन पेरिस (1967)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले

Thursday, February 18, 2016

तेरी जवानी तपता महीना

तेरी जवानी तपता महीना, ए नाजनीना !
छू ले नज़र तो आए पसीना, ए नाजनीना !

हाय! ये तेरा लहराके चलना, इठलाके चलना
रह-रह के धड़के धरती का सीना, ए नाजनीना !

तेरे बदन में फूलों की नरमी, शोलों की गरमी
हर अंग तेरा तरशा नगीना, ए नाजनीना !

आंखों में बिजली, ज़ुल्फों में बादल, सांसों में हलचल
तुझ-सी नहीं कोई कातिल हसीना, ए नाजनीना !

जीने का कोई सामान कर दे, एहसान कर दे
तेरे बगैर अब मुश्किल है जीना, ए नाजनीना !


Monday, February 1, 2016

सजन रे झूठ मत बोलो

सजन रे झूठ मत बोलो
खुदा के पास जाना है
न हाथी है न घोड़ा है
वहाँ पैदल ही जाना है

तुम्हारे महल चौबारे
यहीं रह जायेंगे सारे
अकड़ किस बात की प्यारे
ये सर फिर भी झुकाना है
सजन रे झूठ...

भला कीजे भला होगा
बुरा कीजे बुरा होगा
बही लिख-लिख के क्या होगा
यहीं सब कुछ चुकाना है
सजन रे झूठ...

लड़कपन खेल में खोया
जवानी नींद भर सोया
बुढ़ापा देखकर रोया
वही किस्सा पुराना है
सजन रे झूठ...

Movie/Album: तीसरी कसम (1966)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...