ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !
ज़िन्दगी के रंग कई रे!
ज़िन्दगी दिलों को कभी जोड़ती भी है
ज़िन्दगी दिलों को कभी तोड़ती भी है
ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !
ज़िन्दगी की राह में ख़ुशी के फूल भी
ज़िन्दगी की राह में ग़मों की धूल भी
ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !
ज़िन्दगी कभी यक़ीं कभी ग़ुमान है
हर क़दम पे तेरा-मेरा इम्तहान है
ज़िन्दगी के रंग कई रे साथी रे !
ज़िन्दगी के रंग कई रे!
ज़िन्दगी दिलों को कभी जोड़ती भी है
ज़िन्दगी दिलों को कभी तोड़ती भी है
ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !
ज़िन्दगी की राह में ख़ुशी के फूल भी
ज़िन्दगी की राह में ग़मों की धूल भी
ज़िन्दगी के रंग कई रे, साथी रे !
ज़िन्दगी कभी यक़ीं कभी ग़ुमान है
हर क़दम पे तेरा-मेरा इम्तहान है
ज़िन्दगी के रंग कई रे साथी रे !