Wednesday, March 23, 2016

इतनी जल्दी ना करो रात

इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा
आप जायेंगे तो जज्बात का दिल टूटेगा

सारी रात न जागे तो जवानी क्या
सुबह तक न चले तो कहानी क्या
जुल्फ जो हमने बनाई थी, वो बिखरी भी नहीं
रंग पे आ के ये महफिल अभी निखरी भी नहीं
शम्मा का, साज का, नगमात का दिल टूटेगा
इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा |

गर्म सांसों से जरा जिस्म पिघलने दीजिए
चाहने वालों के अरमान निकलने दीजिए
कम से कम प्यार का इल्जाम तो लेते जाएं
आज की रात का इनाम तो लेते जाएं
चल दिए आप तो हर बात का दिल टूटेगा
इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा

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