Friday, September 6, 2019

ये हवा, ये हवा, ये हवा

ये हवा, ये हवा, ये हवा
ये फिजा, ये फिजा, ये फिजा
है उदास जैसे मेरा दिल, मेरा दिल, मेरा दिल
आ भी जा ! आ भी जा ! आ भी जा !

आ! कि अब तो चांदनी भी जर्द हो चली, हो चली, हो चली
धडकनों की नर्म आंच सर्द हो चली, हो चली, हो चली
ढल चली है रात आ के मिल! आ के मिल! आ के मिल!
आ भी जा ! आ भी जा ! आ भी जा !

राह में बिछी हुई है मेरी हर नज़र, हर नज़र, हर नज़र
मैं तड़प रहा हूं और तू है बेखबर, बेखबर, बेखबर
रुक रही है सांस आ के मिल! आ के मिल! आ के मिल!
आ भी जा ! आ भी जा ! आ भी जा !

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