Thursday, June 28, 2018

मैं हर इक पल का शायर हूँ

मैं हर इक पल का शायर हूँ
हर इक पल मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है।

रिश्तों का रूप बदलता है, बुनियादें ख़तम नहीं होती
ख्वाबों और उमंगों की मियादें ख़तम नहीं होती
इक फूल मैं तेरा रूप बसा, इक फूल में तेरी जवानी है
इक चेहरा तेरी निशानी है, इक चेहरा मेरी निशानी है।

तुझको मुझको जीवन अमृत अब इन हाथों से पीना है
इनकी धड़कन में बसना है, इनकी धड़कन में जीना है
तू अपनी अदाएं बख्श इन्हें, मैं अपनी वफायें देता हूँ
जो अपने लिए सोची थी कभी, वो सारी दुवायें देता हूँ।

मैं हर इक पल का शायर हूँ
हर इक पल मेरी कहानी है
हर इक पल मेरी हस्ती है
हर इक पल मेरी जवानी है।

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...