Saturday, February 3, 2018

गापुची-गापुची गम-गम

गापुची-गापुची गम-गम
किशिकी-किशिकी कम-कम
ओ सनम! हम दोनों साथ रहे जनम-जनम

फूलों जैसा चेहरा, डाली जैसा तन है
तेरी ही अमानत, हर धड़कन है
आ भी जा! बाहों में, प्यार का हो संगम

जादू भरी आंखें, ख्वाबों के खजाने
महकी-महकी साँसे, बातें हैं तराने
आ भी जा! बाहों में, प्यार का हो संगम

जागे-जागे अरमान, भीगा-भीगा मौसम
दिलों की ये हलचल, बूंदों की ये छम-छम
आ भी जा! बाहों में, प्यार का हो संगम

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...