(ओ सजना, बरखा बहार आई
रस की फुहार लाई, अँखियों मे प्यार लाई) – 2
ओ सजना
तुमको पुकारे मेरे मन का पपिहरा – 2
मीठी मीठी अगनी में, जले मोरा जियरा
ओ सजना …
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: मोतीलाल, साधना, वसंत चौधरी
रस की फुहार लाई, अँखियों मे प्यार लाई) – 2
ओ सजना
तुमको पुकारे मेरे मन का पपिहरा – 2
मीठी मीठी अगनी में, जले मोरा जियरा
ओ सजना …
(ऐसी रिमझिम में ओ साजन, प्यासे प्यासे मेरे नयन
तेरे ही, ख्वाब में, खो गए) – 2
सांवली सलोनी घटा, जब जब छाई – 2
अँखियों में रैना गई, निन्दिया न आई
ओ सजना …
तेरे ही, ख्वाब में, खो गए) – 2
सांवली सलोनी घटा, जब जब छाई – 2
अँखियों में रैना गई, निन्दिया न आई
ओ सजना …
फ़िल्म: परख / Parakh (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकरसंगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: मोतीलाल, साधना, वसंत चौधरी