Thursday, August 15, 2019

वतन का क्या होगा अंजाम

बिना सिफारिश मिले नौकरी
बिन रिश्वत हो काम
अरे इसी को अनहोनी कहते हैं
इसी का कलजुग नाम
वतन का क्या होगा अंजाम
बचा ले ऐ मोला ऐ राम ..

रिश्वत पर पलते थे अफसर, छोटे हो या मोटे
बंद हुयी ये रस्म तो धंधे हो जायेंगे खोटे
घर-घर में मातम होगा दफ्तर-दफ्तर कोहराम
बचा ले ऐ मोला ऐ राम ..

यही चला गर ढंग यारों होंगे बुरे नतीजे
भूखे मरेंगे नेताओं के बेटे और भतीजे
जितनी इज्ज़त बनी थी अब तक
सब होगी नीलाम
बचा ले ऐ मोला ऐ राम ..

रिश्वत से मुंह बंद थे सबके अब फूटेंगे भांडे
अरे पता चलेगा किसके किससे मिले हुए थे डांडे
कौन सा ठेका लेकर किसने कितना माल बनाया
कितनी उजरत दी लोगों को कितना बिल दिखलाया
कौन सी फाईल किस दफ्तर से कैसे हो गयी चोरी
किसने कितनी गद्दारी की कितनी भरी तिजोरी
किस मिल मालिक के पैसे से कितने वोट कमाए
कुर्सी मिली तो देशभगत ने कितने नोट कमाए
रिश्वत से ही छुपे हुए थे सब काले करतूत
नंगे होकर सामने आयेंगे अब सभी सबूत
दुनिया भर के मुल्कों में होगा भारत बदनाम
बचा ले ऐ मोला ऐ राम
वतन का क्या होगा अंजाम .।

Tuesday, July 30, 2019

पहली नज़र में हमने

पहली नज़र में हमने तो अपना
दिल दे दिया था तुमको
पर तुमने देर लगाई
रुक-रुक के बात बढ़ाई
वैसे तो हमने मिलते ही तुमसे
अपना लिया था तुमको
पर जान के बात छुपाई
ना कहके कदर बढ़ाई

देखा तुम्हें तो हमने सबसे नज़र उठा ली
खोने की चीज़ खो ली,
पाने की चीज़ पा ली
सीधे न सही, घूम के सही मिल तो गये हैं

हमने तुम्हारी खातिर, क्या-क्या किए बहाने
आसान नहीं मोहब्बत अब तो ये बात माने
छोड़ा नहीं दम, जैसे भी हो हम मिल तो गए हैं

लिखा था आस्मां पर, यूँ ही ये खेल होना
पहले नज़र उलझना, फिर दिल का मेल होना
छोड़ो ये गिले, जैसे भी मिले, मिल तो गये हैं।

Sunday, July 21, 2019

तुझको मेरा प्यार पुकारे

इन हवाओं में, इन फ़िज़ाओं में
तुझको मेरा प्यार पुकारे
आजा! आजा रे! तुझको मेरा प्यार पुकारे
रुक ना पाऊं मैं, खिचती आऊं मैं
दिल को जब दिलदार पुकारे

लौट रही हैं मेरी सदाएं, दीवारों से सर टकरा के
हाथ पकड़कर चलने वाले, हो गए रुख़सत हाथ छुड़ा के
उनको कुछ भी याद नहीं है, अब कोई सौ बार पुकारे

इल्म नहीं था इतनी जल्दी ख़त्म फ़साने हो जाएंगे
तुम बेगाने बन जाओगे, हम दीवाने हो जाएंगे
कल बाहों का हार मिला था, आज अश्कों का हार पुकारे

लूट के मेरे दिल की दुनिया प्यार के झूले झूलने वाले !
पत्थर बनकर यूं चुप क्यूं है, कुछ तो कह ओ भूलने वाले!
इक पुरानी याद बुलाए, इक टूटा इकरार पुकारे
आजा आजा रे, तुझको मेरा प्यार पुकारे
आजा! आजा रे! तुझको मेरा प्यार पुकारे।

Thursday, June 20, 2019

आज सजन मोहे अंग लगा लो

सखी री बिरह के दुखड़े सह-सह कर जब राधे बेसुध हो ली
तो इक दिन अपने मनमोहन से जा कर यूँ बोली

आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये
हृदय की पीड़ा देह की अगनी, सब शीतल हो जाये

कई जुग से हैं जागे, मोरे नैन अभागे, कहीं जिया नहीं लागे बिन तोरे
सुख दिखे नहीं आगे, दुःख पीछे पीछे भागे, जग सूना सूना लागे बिन तोरे
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया इतनी बरसा दो जग जलथल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये

मोहे अपना बना लो मोरी बाँह पकड़, मैं हूँ जनम जनम की दासी
मोरी प्यास बुझा दो मनहर गिरिधर, मैं हूँ अन्तरघट तक प्यासी
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया इतनी बरसा दो जग जलथल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये

किए लाख जतन, मोरे मन की तपन, मोरे तन की जलन नहीं जाये
कैसी लागी ये लगन, कैसी जागी ये अगन, जिया धीर धरन नहीं पाये
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया इतनी बरसा दो जग जलथल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो, जनम सफ़ल हो जाये।

Wednesday, June 5, 2019

जाने क्या तूने कही

जाने क्या तूने कही
जाने क्या मैंने सुनी
बात कुछ बन ही गई

सनसनाहट सी हुई
थरथराहट सी हुई
जाग उठे ख्वाब कई
बात कुछ बन ही गई

नैन झुक-झुक के उठे
पांव रुक-रुक के उठे
आ गई चाल नई
बात कुछ बन ही गई

ज़ुल्फ़ शाने पे मुड़ी
एक खुशबू सी उडी
खुल गए राज़ कई
बात कुछ बन ही गई।

Thursday, May 9, 2019

सर जो तेरा चकराए

सर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाए
आजा प्यारे! पास हमारे
काहे घबराए ! काहे घबराए !

तेल मेरा है मुश्की
गन्ज रहे न खुश्की
जिस के सर पर हाथ फिरा दूं, चमके किस्मत उसकी
सुन सुन सुन ! अरे बेटा सुन !
इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूं ना आज़माए !
काहे घबराए ! काहे घबराए !

प्यार का होवे झगड़ा
या बिज़िनेस का हो रगड़ा
सब लफ़ड़ों का बोझ हटे, जब पड़े हाथ इक तगड़ा
सुन सुन सुन ! अरे बाबू सुन !
इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूं ना आज़माए !
काहे घबराए ! काहे घबराए !

नौकर हो या मालिक
लीडर हो या पब्लिक
अपने आगे सभी झुके हैं, क्या राजा क्या सैनिक
सुन सुन सुन ! अरे राजा सुन !
इस चम्पी में बड़े बड़े गुन
लाख दुखों की एक दवा है, क्यूं ना आज़माए !
काहे घबराए ! काहे घबराए !

Friday, April 26, 2019

मेरे घर आई एक नन्हीं परी

मेरे घर आई एक नन्हीं परी
चांदनी के हसीन रथ पे सवार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

उसकी बातों में शहद जैसी मिठास
उसकी सासों में इतर की महकास
होंठ जैसे के भीगे-भीगे गुलाब
गाल जैसे के दहके-दहके अनार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

उसके आने से मेरे आंगन में
खिल उठे फूल, गुनगुनायी बहार
देख कर उसको जी नहीं भरता
चाहे देखूँ उसे हज़ारों बार
मेरे घर आई एक नन्ही परी |

मैंने पूछा उसे के कौन है तू
हंस के बोली के मैं हूँ तेरा प्यार
मैं तेरे दिल में थी हमेशा से
घर में आई हूँ आज पहली बार
मेरे घर आई एक नन्ही परी

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...