Tuesday, October 10, 2017

याद न जाए, बीते दिनों की

याद न जाए, बीते दिनों की
जाके न आये जो दिन, दिल क्यूँ बुलाए, उन्हें
दिल क्यों बुलाए
याद न जाये ...

दिन जो पखेरू होते, पिंजरे में मैं रख देता - २
पालता उनको जतन से
पालता उनको जतन से, मोती के दाने देता
सीने से रहता लगाए
याद न जाए ...

तस्वीर उनकी छुपाके, रख दूँ जहाँ जी चाहे - २
मन में बसी ये सूरत
मन में बसी ये सूरत, लेकिन मिटे न मिटाए
कहने को है वो पराए
याद न जाए ...



चित्रपट / Film: Dil Ek Mandir
संगीतकार / Music Director: शंकर - जयकिशन-(Shankar-Jaikishan)
गीतकार / Lyricist: शैलेन्द्र-(Shailendra)
गायक / Singer(s): मोहम्मद रफ़ी-(Mohammad Rafi)


Wednesday, October 4, 2017

कोई राग छेड़, दबी आग छेड़

Koi raag chhed dabi aag chhed
Ke yahi hai zindgani
Kahi hai bahar kahi par nisar
Koi mang le nishani
Koi raag chhed dabi aag chhed
Ke yahi hai zindgani
Kahi hai bahar kahi par nisar
Kahi bandh le nishana
Koi raag ho

Abhi waqt maharba hai
Abhi zindagi jawa hai
Abhi waqt maharba hai
Abhi zindagi jawa hai
Ye sama tera sama hai
Koi raag chhed

Neet aaho ke ishare
Ye khile khile nazare
Neet aaho ke ishare
Ye khile khile nazare
Mujhe kah rahe hai sare
Koi raag chhed

Zara dil ki sun suna le
Zara khud ko aazma le
Zara dil ki sun suna le
Zara khud ko aazma le
Koi aarzu jaga le
Koi raag chhed
Koi raag chhed dabi aag chhed
Ke yahi hai zindgani
Kahi hai bahar kahi par nisar
Koi mang le nishani
Koi raag chhed.

Sunday, October 1, 2017

चोरी चोरी मेरी गली आना

चोरी चोरी मेरी गली आना है बुरा
आ के बिना बात किये जाना है बुरा

अच्छे नहीं ये इशारे, पेड़ों तले छुप-छुपा के
आओ न दो बातें कर लें, नज़रों से नज़रे मिला के
दिन हैं प्यार के, मौज बहार के
देखो! भोले-भाले जी को तरसाना है बुरा

दिल आ गया है तो प्यारे, बदनाम होने का डर क्या?
इश्क़ और वफ़ा की गली में, दुनिया के ग़म का गुज़र क्या?
दिन हैं प्यार के, मौज बहार के

देखो! भोले-भाले जी को तरसाना है बुरा

Wednesday, September 20, 2017

अल्लाह तेरो नाम

अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम
सबको सन्मति दे भगवान

इस धरती का रूप ना उजड़े
प्यार की ठंडी धूप ना उजड़े
सबको मिले सुख का वरदान

मांगों का सिन्दूर ना छूटे
माँ बहनों की आस ना टूटे
देह बिना दाता,भटके ना प्राण

ओ सारे जग के रखवाले
निर्बल को बल देने वाले
बलवानों को दे दे ज्ञान


Saturday, September 16, 2017

चढ़ गयो पापी बिछुआ

ओ बिछुआ
हाय रे
पीपल छैंया
बैठी पल भर
हो
धर के गगरिया
हाय रे
हाय रे – 3

होय ओय ओय ओय ओय
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ

हो
हो ओ
मन्तर फेरूँ हूँ
कोमल काया ओ
छोड़ के जा रे
छू
जा रे – 3

होय ओय ओय ओय ओय
ओ और भी चढ़ गयो
ना गयो पापी बिछुआ
ओ और भी चढ़ गयो
ना गयो पापी बिछुआ
कैसी आग लगा गयो पापी बिछुआ
ओ कैसी आग लगा गयो पापी बिछुआ
सारे बदन पे छा गयो पापी बिछुआ
सारे बदन पे छा गयो पापी बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ

ओ
हाय रे
मन्तर झूठा
हां बैद भी झूठा
हो
पिया घर आ रे
आ रे
आ रे – 3

ओय ओय ओय ओय
देखो रे देखो रे
देखो उतर गयो बिछुआ
ओ देखो रे देखो रे
देखो उतर गयो बिछुआ
हे टूट के रह गयो
डन्क उतर गयो बिछुआ
ओ टूट के रह गयो
डन्क उतर गयो बिछुआ
सैंया को देख के
जाने किधर गयो बिछुआ
ओ सैंया को देख के
जाने किधर गयो बिछुआ

कैसो रे पापी बिछुआ बिछुआ – 2
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ दैया रे दैया रे
चढ़ गयो पापी बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ
ओ हाय-हाय रे मर गई
कोई उतारो बिछुआ


फ़िल्म: मधुमती / Madhumati (1958)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, मन्ना डे
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: जॉनीवाकर, प्राण, दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला, जयंत


Wednesday, August 9, 2017

दुख और सुख के रास्ते

दुख और सुख के रास्ते, बने हैं सब के वास्ते
जो ग़म से हार जाओगे, तो किस तरह निभाओगे
खुशी मिले हमें के ग़म, जो होगा बाँट लेंगे हम
मुझे तुम आज़माओ तो, ज़रा नज़र मिलाओ तो
ये जिस्म दो सही, दिलों में फ़ासला नहीं
जहां में ऐसा कौन है, कि जिसको ग़म मिला नहीं

तुम्हारे प्यार की क़सम, तुम्हारा ग़म है मेरा ग़म
न यूँ बुझे-बुझे रहो, जो दिल की बात है कहो
जो मुझ से भी छुपाओगे, तो फिर किसे बताओगे
मैं कोई गैर तो नहीं, दिलाऊँ किस तरह यक़ीं

कि तुमसे मैं जुदा नहीं, मुझसे तुम जुदा नहीं

Wednesday, August 2, 2017

आवारा हूँ या गर्दिश में हूँ

आवारा हूँ या गर्दिश में हूँ
आसमान का तारा हूँ

घर-बार नहीं, संसार नहीं
मुझसे किसी को प्यार नहीं
उस पार किसी से मिलने का इकरार नहीं
मुझसे किसी को प्यार नहीं
अनजान नगर सुनसान डगर का प्यारा हूँ
आवारा हूँ...

आबाद नहीं, बर्बाद सही
गाता हूँ खुशी के गीत मगर
ज़ख्मों से भरा सीना है मेरा
हंसती है मगर यह मस्त नज़र
दुनिया मैं तेरे तीर का
या तकदीर का मारा हूँ
आवारा हूँ...

Movie/Album: आवारा (1951)
Music By: जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश


इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...