Tuesday, February 14, 2017

सिमट के आपकी बांहों में

हम जब सिमट के आपकी बांहों में आ गए
लाखों हसीन ख़्वाब निगाहों में आ गए

ख़ुशबू चमन को छोड़ के सांसों में घुल गई
लहरा के अपने-आप जवां ज़ुल्फ़ खुल गई
हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए

कह दी है दिल की बात नज़ारों के सामने
इक़रार कर लिया है बहारों के सामने
दोनों ज़हान आज गवाहों में आ गए

मस्ती भरी घटाओं की परछाइयों तले
हाथों में हाथ थाम के जब साथ हम चले
शाख़ों से फूल टूट के राहों में आ गए

Saturday, February 11, 2017

मेरा जूता है जापानी

मेरा जूता है जापानी ये पतलून इंगलिश्तानी
सर पे लाल टोपी रूसी फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी

निकल पड़े हैं खुल्ली सड़क पर अपना सीना ताने
मंजिल कहाँ, कहाँ रुकना है,उपरवाला जाने
बढ़ते जाए हम सैलानी, जैसे एक दरिया तूफानी
सर पे लाल टोपी रूसी

ऊपर-नीचे नीचे-ऊपर लहर चले जीवन की
नादान है जो बैठ किनारे, पूछे राह वतन की
चलना जीवन की कहानी, रुकना मौत की निशानी

होंगे राजे राजकुंवर हम बिगडे दिल शहज़ादे
हम सिंघासन पर जा बैठें जब जब करें इरादे
सूरत है जानी पहचानी दुनिया वालों को हैरानी

Movie/Album: श्री 420 (1955)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश


Thursday, January 26, 2017

धरती माँ का मान हमारा

धरती माँ का मान हमारा प्यारा लाल निशान
नवयुग की मुस्कान हमारा प्यारा लाल निशान

पूंजीवाद से दब न सकेगा ये मजदूर किसान का झण्डा
मेहनत का हक ले के रहेगा, मेहनत इंसान का झण्डा
योद्धा और बलवान हमारा, प्यारा लाल निशान

इस झंडे से सांस उखड़ती चोर मुनाफाखोरों की
जिन्होंने इन्सानों की हालत कर दी डंगर ढोरों की
उनके खिलाफ ऐलान हमारा, प्यारा लाल निशान

फ़ैक्टरियों के धूल धुयेँ में हमने खुद को पाला
खून पिलाकर लोहे को इस देश का भार संभाला
मेहनत के इस पूजा-घर पर पड़ न सकेगा ताला
देश के साधन देश का धन हैं, जान ले पूंजीवाला
जीतेगा मैदान हमारा, प्यारा लाल निशान।

[Movie : समाज को बदल डालो 1970]

Monday, January 23, 2017

मुड़-मुड़ के न देख, मुड़-मुड़ के

मुड़-मुड़ के न देख, मुड़-मुड़ के
ज़िंदगानी के सफ़र में तू अकेला ही नहीं है
हम भी तेरे हमसफ़र हैं

आये गये मंज़िलों के निशाँ
लहरा के झूमा झुका आसमाँ
लेकिन रुकेगा न ये कारवाँ
मुड़-मुड़ के न देख...

नैनों से नैना जो मिला के देखे
मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे
दुनिया उसी की है जो आगे देखे
मुड़-मुड़ के न देख...

दुनिया के साथ जो बदलता जाये
जो इसके साँचे में ही ढलता जाये
दुनिया उसी की है जो चलता जाये
मुड़-मुड़ के न देख...

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: आशा भोंसले, मन्ना डे

Friday, January 20, 2017

तेरे दर पे आया हूं

तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा
झोली भर के जाऊंगा या मर के जाऊंगा

तू सब कुछ जाने है
हर ग़म पहचाने है
जो दिल की उलझन है
सब तुझ पे रौशन है
घायल परवाना हूं
वहशी दीवाना हूं
तेरी शोहरत सुन-सुन के उम्मीदें लाया हूं
तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा

दिल ग़म से हैरां है
मेरी दुनिया वीरां है
नज़रों की प्यास बुझा
मेरा बिछड़ा यार मिला
अब या ग़म छूटेगा
वरना दम टूटेगा
अब जीना मुश्किल है, फ़रियादें लाया हूं
तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा

Wednesday, December 7, 2016

क्या से क्या हो गया

क्या से क्या हो गया
बेवफ़ा, तेरे प्यार में
चाहा क्या, क्या मिला
बेवफ़ा, तेरे प्यार में

चलो सुहाना भरम तो टूटा
जाना के हुस्न क्या है
कहती है जिसको प्यार दुनिया
क्या चीज़, क्या बला है
दिल ने क्या ना सहा
बेवफ़ा, तेरे प्यार में...

तेरे मेरे दिल के बीच अब तो
सदियों के फ़ासले हैं
यक़ीन होगा किसे कि हम-तुम
इक राह संग चले हैं
होना है और क्या
बेवफ़ा, तेरे प्यार में...


Movie/Album: गाईड (1965)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मो.रफ़ी

Monday, December 5, 2016

मेरी नज़र है तुझ पे

मेरी नज़र है तुझ पे, तेरी नज़र है मुझ पे
इसीलिए रहते हैं दोनों खोए हुए
तेरे बिना जियरा माने ना
लगी अगन है ये कैसी हाय! जाने ना !

तेरे लिए कलियां मैं चुनती रहूं
आशाओं की मालाएं बुनती रहूं
जागे में भी सपनों में खोई रहूं
सोते में भी आहट सी सुनती रहूं
ओ साजना! बालमा! मुझे क्या हो गया, जानू ना!

मेरे बिना अब तू भी रह न सके
तेरे बिना अब मैं भी रह न सकूं
हाय! मगर तू भी ये कह न सके
हाय! मगर मैं भी ये कह न सकूं
जानेमन! दफ़अतन दिल को ये क्या हुआ, जानूं ना !

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...