मेरी नज़र है तुझ पे, तेरी नज़र है मुझ पे
इसीलिए रहते हैं दोनों खोए हुए
तेरे बिना जियरा माने ना
लगी अगन है ये कैसी हाय! जाने ना !
तेरे लिए कलियां मैं चुनती रहूं
आशाओं की मालाएं बुनती रहूं
जागे में भी सपनों में खोई रहूं
सोते में भी आहट सी सुनती रहूं
ओ साजना! बालमा! मुझे क्या हो गया, जानू ना!
मेरे बिना अब तू भी रह न सके
तेरे बिना अब मैं भी रह न सकूं
हाय! मगर तू भी ये कह न सके
हाय! मगर मैं भी ये कह न सकूं
जानेमन! दफ़अतन दिल को ये क्या हुआ, जानूं ना !
इसीलिए रहते हैं दोनों खोए हुए
तेरे बिना जियरा माने ना
लगी अगन है ये कैसी हाय! जाने ना !
तेरे लिए कलियां मैं चुनती रहूं
आशाओं की मालाएं बुनती रहूं
जागे में भी सपनों में खोई रहूं
सोते में भी आहट सी सुनती रहूं
ओ साजना! बालमा! मुझे क्या हो गया, जानू ना!
मेरे बिना अब तू भी रह न सके
तेरे बिना अब मैं भी रह न सकूं
हाय! मगर तू भी ये कह न सके
हाय! मगर मैं भी ये कह न सकूं
जानेमन! दफ़अतन दिल को ये क्या हुआ, जानूं ना !