Wednesday, October 31, 2018

अरे भई निकल के आ घर से

अरे भई निकल के आ घर से! (2)

अरे भई निकल के आ घर से, आ घर से (2)
दुनिया की रौनक देख फिर से देख ले फिर से (2)
होय! अरे भई निकल के आ घर से, आ घर से

केम ऊँघेचे भई घनश्याम जी, ओ (2)

दुनिया बदल गयी प्यारे, आगे निकल गयी प्यारे (2)
अन्धे कुँए में घुस के क्यों बैठा हुआ है मन मारे (2)
अरे भई निकल के आ घर से …

तुला भीती ही कसली वाट ते, रे (2)

पानी को, तेल को छोड़ा, बिजली की रेल को छोड़ा (2)
कल चाँद और तारों में पहुँचेगा ऐटमी घोड़ा
अरे भई, अरे भई
अरे भई निकल के आ घर से …

कैनो भाबेन ओकारन ऐ बंकी बाबू, रे (2)

कल जो था कल रहा होगा, आगे की सोच क्या होगा (2)
टूटी पुरानी ढफली पे, तू कल कमर दिया मलेगा? (2)
अरे भई निकल के आ घर से …

फ़िल्म: नई दिल्ली / New Delhi (1956)
गायक/गायिका: किशोर कुमार
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: किशोर कुमार, वैजयन्ती माला

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...