Friday, January 19, 2018

ओ सजना, बरखा बहार आई

(ओ सजना, बरखा बहार आई
रस की फुहार लाई, अँखियों मे प्यार लाई) – 2
ओ सजना

तुमको पुकारे मेरे मन का पपिहरा – 2
मीठी मीठी अगनी में, जले मोरा जियरा
ओ सजना …

(ऐसी रिमझिम में ओ साजन, प्यासे प्यासे मेरे नयन
तेरे ही, ख्वाब में, खो गए) – 2
सांवली सलोनी घटा, जब जब छाई – 2
अँखियों में रैना गई, निन्दिया न आई
ओ सजना …

फ़िल्म: परख / Parakh (1960)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर
संगीतकार: सलिल चौधरी
गीतकार: शैलेंद्र सिंह
अदाकार: मोतीलाल, साधना, वसंत चौधरी

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इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...