इस रेशमी पाज़ेब की झंकार के सदके
जिसने ये पहनाई है उस दिलदार के सदके
उस ज़ुल्फ़ के क़ुरबां लब-ओ-रुखसार के सदके
हर जलवा था इक शोला हुस्न-ए-यार के सदके
जवानी माँगती ये हसीं झंकार बरसों से
तमन्ना बुन रही थी धड़कनों के हार बरसों से
छुप-छुप के आने वाले तेरे प्यार के सदके
जवानी सो रही थी हुस्न की रंगीं पनाहों में
चुरा लाये हम उनके नाज़नीं जलवे निगाहों में
किस्मत से जो हुआ है उस दीदार के सदके
नज़र लहरा रही है, जिस्म पे मस्ती सी छाई है
दुबारा देखने की शौक़ ने हलचल मचाई है
दिल को जो लग गया है उस आज़ार के सदके
जिसने ये पहनाई है उस दिलदार के सदके
उस ज़ुल्फ़ के क़ुरबां लब-ओ-रुखसार के सदके
हर जलवा था इक शोला हुस्न-ए-यार के सदके
जवानी माँगती ये हसीं झंकार बरसों से
तमन्ना बुन रही थी धड़कनों के हार बरसों से
छुप-छुप के आने वाले तेरे प्यार के सदके
जवानी सो रही थी हुस्न की रंगीं पनाहों में
चुरा लाये हम उनके नाज़नीं जलवे निगाहों में
किस्मत से जो हुआ है उस दीदार के सदके
नज़र लहरा रही है, जिस्म पे मस्ती सी छाई है
दुबारा देखने की शौक़ ने हलचल मचाई है
दिल को जो लग गया है उस आज़ार के सदके