Friday, May 27, 2016

दिल का दर्द ना जाने दुनिया

दिल का दर्द ना जाने दुनिया, जाने दिल तड़पना
प्यार के दो बोलों के बदले दुश्मन हुआ ज़माना
हाय रे हाय! दुश्मन हुआ ज़माना

उम्मीद ने ठोकर खायी है
दिल दे के जुदाई पायी है
तेरा ग़म है, मेरी तन्हाई है
पहले से न था ये जाना
कि दिल का आना है जी से जाना
हाय रे हाय! दुश्मन हुआ ज़माना

आंखों मे जो आंसू आयेँगे
तस्वीर तेरी दिखलायेँगे
हम थाम के दिल रह जायेँगे
पहले से न था ये जाना
कि दिल का आना है जी से जाना

हाय रे हाय! दुश्मन हुआ ज़माना

Thursday, May 19, 2016

उलझन सुलझे ना

उलझन सुलझे ना, रस्ता सूझे ना
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां

मेरे दिल का अंधेरा, हुआ और घनेरा
कुछ समझ न पाऊं क्या होना है मेरा
खड़ी दोराहे पर, ये पूछूं घबराकर
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां

जो सांस भी आये, तन चीर के जाए
इस हाल से कोई किस तरह निभाए
न मरना रास आया, न जीना मन भाया
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां

रुत गम की टले ना, कोई आस फले ना
तक़दीर के आगे मेरी पेश चले ना
बहुत की तदबीरें, ना टूटी जंजीरें
जाऊं कहां मैं जाऊं कहां

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...