Wednesday, March 23, 2016

इतनी जल्दी ना करो रात

इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा
आप जायेंगे तो जज्बात का दिल टूटेगा

सारी रात न जागे तो जवानी क्या
सुबह तक न चले तो कहानी क्या
जुल्फ जो हमने बनाई थी, वो बिखरी भी नहीं
रंग पे आ के ये महफिल अभी निखरी भी नहीं
शम्मा का, साज का, नगमात का दिल टूटेगा
इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा |

गर्म सांसों से जरा जिस्म पिघलने दीजिए
चाहने वालों के अरमान निकलने दीजिए
कम से कम प्यार का इल्जाम तो लेते जाएं
आज की रात का इनाम तो लेते जाएं
चल दिए आप तो हर बात का दिल टूटेगा
इतनी जल्दी ना करो रात का दिल टूटेगा

Tuesday, March 1, 2016

प्यार हुआ इक़रार हुआ है

प्यार हुआ इक़रार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल, रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल
प्यार हुआ इक़रार हुआ...

कहो की अपनी प्रीत का मीत ना बदलेगा कभी
तुम भी कहो इस राह का मीत न बदलेगा कभी
प्यार जो टूटा, साथ जो छूटा
चाँद न चमकेगा कभी
प्यार हुआ इकरार हुआ...

रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ
प्रीत हमारे प्यार के दोहराएंगी जवानियाँ
मैं न रहूँगी, तुम न रहोगे
फिर भी रहेंगी निशानियाँ
प्यार हुआ इक़रार हुआ...

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: लता मंगेशकर, मन्ना डे


इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...