मस्त पवन, मस्त गगन, मस्त है सारा समां
अंग-अंग झूम उठे, आज ऐसा रंग जमा
आज मेरी चूड़ियों के साज गुनगुना उठे
धूल भरे रास्तों में फूल मुस्कुरा उठे
दिल में झिलमिलाने लगी आस की नन्हीं-सी शमा
सोई-सोई ज़िंदगी में इक तरंग जाग पड़ी
करवटें बदल के दिल की हर उमंग जाग पड़ी
बिगड़ी हुई बात बनी, जाता हुआ वक़्त थमा।
अंग-अंग झूम उठे, आज ऐसा रंग जमा
आज मेरी चूड़ियों के साज गुनगुना उठे
धूल भरे रास्तों में फूल मुस्कुरा उठे
दिल में झिलमिलाने लगी आस की नन्हीं-सी शमा
सोई-सोई ज़िंदगी में इक तरंग जाग पड़ी
करवटें बदल के दिल की हर उमंग जाग पड़ी
बिगड़ी हुई बात बनी, जाता हुआ वक़्त थमा।