Wednesday, October 28, 2015

दोस्त, दोस्त ना रहा

दोस्त, दोस्त ना रहा, प्यार, प्यार ना रहा
ज़िंदगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा

अमानतें मैं प्यार की, गया था जिसको सौंप कर
वो मेरे दोस्त तुम ही थे, तुम्हीं तो थे
जो ज़िंदगी की राह मे, बने थे मेरे हमसफ़र
वो मेरे दोस्त तुम ही थे, तुम्हीं तो थे
सारे भेद खुल गए, राज़दार ना रहा
ज़िंदगी हमें तेरा...

गले लगीं सहम सहम, भरे गले से बोलतीं
वो तुम ना थीं तो कौन था, तुम्हीं तो थीं
सफ़र के वक्त में पलक पे मोतियों को तोलती
वो तुम ना थी तो कौन था, तुम्हीं तो थीं
नशे की रात ढल गयी, अब खुमार ना रहा
ज़िन्दगी हमें तेरा...

वफ़ा का ले के नाम जो, धड़क रहे थे हर घड़ी
वो मेरे नेक नेक दिल, तुम्हीं तो हो
जो मुस्कुराते रह गए, जहर की जब सुई गड़ी
वो मेरे नेक नेक दिल, तुम्हीं तो हो
अब किसी का मेरे दिल, इंतज़ार ना रहा
ज़िन्दगी हमें तेरा...

Movie/Album : संगम (1964)
Music By : शंकर-जयकिशन
Lyrics By : शैलेन्द्र सिंह
Performed By : मुकेश

Wednesday, October 21, 2015

मस्त पवन, मस्त गगन

मस्त पवन, मस्त गगन, मस्त है सारा समां
अंग-अंग झूम उठे, आज ऐसा रंग जमा

आज मेरी चूड़ियों के साज गुनगुना उठे
धूल भरे रास्तों में फूल मुस्कुरा उठे
दिल में झिलमिलाने लगी आस की नन्हीं-सी शमा

सोई-सोई ज़िंदगी में इक तरंग जाग पड़ी
करवटें बदल के दिल की हर उमंग जाग पड़ी
बिगड़ी हुई बात बनी, जाता हुआ वक़्त थमा।


Sunday, October 18, 2015

हमने लाख हसीं देखे हैं

यूं तो हमने लाख हसीं देखे हैं
तुम सा नहीं देखा

उफ! ये नज़र, उफ! ये अदाकौन न अब होगा फिदा
ज़ुल्फें हैं या बदलियां
आंखें हैं या बिजलियां
जाने किस-किसकी आएगी क़ज़ा।


इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...