Wednesday, November 13, 2019

तुम भी चलो हम भी चलें

तुम भी चलो, हम भी चलें, चलती रहे ज़िन्दगी
ना ज़मीं मंज़िल, ना आसमां, ज़िन्दगी है ज़िन्दगी |

पीछे देखें ना कभी मुड़ के राहों में
झूमे मेरा दिल तुम्हें ले के बाहों में
धड़कनों की ज़ुबां, नित काहे दास्तां
प्यार की झिलमिल छांव में पलती रहे ज़िन्दगी |

बहते चले हम मस्ती के धारों में
गूंजे यही धुन सदा दिल के तारों में
अब रुके ना कहीं, प्यार का कारवां
नित नई रुत के रंग में, ढलती रहे ज़िन्दगी |

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...