Wednesday, April 11, 2018

रेशमी सलवार कुरता जाली का

रेशमी सलवार कुरता जाली का
रूप सहा नहीं जाए नखरेवाली का

जा रे! पीछा छोड़ मुझ मतवाली का
काहे ढूंढे रास्ता कुतवाली का

जब जब तुझको देखूं, मेरे दिल में छुटे फुलझड़ियां
करूंगा तेरा पीछा, चाहे लग जाएं हथकड़ियां
क्या है कुतवाली का !

मैं हूं इज़्ज़त वाली, मुझे समझ ना ऐसी वैसी
बड़े बड़ों की मैंने, कर दी है ऐसी तैसी
तू है किस थाली का !

रूप तेरे का लटका, मेरे दिल को दे गया झटका
रंग भरे हाथों से ज़रा खोल दे पट घूंघट का
दिल है दिलवाली का
रूप सहा नहीं जाए नखरे वाली का

Monday, April 9, 2018

अपने अन्दर जरा झांक मेरे वतन

अपने अंदर जरा झांक मेरे वतन
अपने ऐबों को मत ढांक मेरे वतन

तेरा इतिहास है खूं में लिथड़ा हुआ,
तू अभी तक है दुनिया में पिछड़ा हुआ
तूने अपनों को अपना न माना कभी
तूने इन्सां को इन्सां न जाना कभी
तेरे धर्मों ने जातों की तकसीम की
तेरी रस्मों ने नफरत की तालीम दी
वहसतों का चलन तुझमें जारी रहा
नफरतों का जुंनू तुझपे तारी रहा

रंग और नस्ल के दायरों से निकल
गिर चुका है बहुत देर अब तो संभल
तू द्राविड़ है या आर्य नस्ल है
जो भी है अब इसी ख़ाक.की फ़स्ल है
तेरे दिल से जो नफरत न मिट पाएगी
तेरे घर में गुलामी पलट आएगी
तेरी बरबादियों का तुझे वास्ता
ढूंढ़ अपने लिए अब नया रास्ता |

[ Singer : Rafi;
Composer : N.Dutta; 
Producer : I.A.Nadiadwala; 
Director : Khalid Akhtar]

तू प्यार का सागर है ...

तू प्यार का सागर है
तेरी इक बूँद के प्यासे हम
लौटा जो दिया तुमने, चले जायेंगे जहाँ से हम
तू प्यार का सागर है ...

घायल मन का, पागल पंछी उड़ने को बेक़रार
पंख हैं कोमल, आँख है धुँधली, जाना है सागर पार
जाना है सागर पार
अब तू हि इसे समझा, राह भूले थे कहान से हम
तू प्यार का सागर है ...

इधर झूमती गाये ज़िंदगी, उधर है मौत खड़ी
कोई क्या जाने कहाँ है सीमा, उलझन आन पड़ी
उलझन आन पड़ी
कानों में ज़रा कह दे, कि आये कौन दिशा से हम
तू प्यार का सागर है ...



इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...