Wednesday, August 9, 2017

दुख और सुख के रास्ते

दुख और सुख के रास्ते, बने हैं सब के वास्ते
जो ग़म से हार जाओगे, तो किस तरह निभाओगे
खुशी मिले हमें के ग़म, जो होगा बाँट लेंगे हम
मुझे तुम आज़माओ तो, ज़रा नज़र मिलाओ तो
ये जिस्म दो सही, दिलों में फ़ासला नहीं
जहां में ऐसा कौन है, कि जिसको ग़म मिला नहीं

तुम्हारे प्यार की क़सम, तुम्हारा ग़म है मेरा ग़म
न यूँ बुझे-बुझे रहो, जो दिल की बात है कहो
जो मुझ से भी छुपाओगे, तो फिर किसे बताओगे
मैं कोई गैर तो नहीं, दिलाऊँ किस तरह यक़ीं

कि तुमसे मैं जुदा नहीं, मुझसे तुम जुदा नहीं

Wednesday, August 2, 2017

आवारा हूँ या गर्दिश में हूँ

आवारा हूँ या गर्दिश में हूँ
आसमान का तारा हूँ

घर-बार नहीं, संसार नहीं
मुझसे किसी को प्यार नहीं
उस पार किसी से मिलने का इकरार नहीं
मुझसे किसी को प्यार नहीं
अनजान नगर सुनसान डगर का प्यारा हूँ
आवारा हूँ...

आबाद नहीं, बर्बाद सही
गाता हूँ खुशी के गीत मगर
ज़ख्मों से भरा सीना है मेरा
हंसती है मगर यह मस्त नज़र
दुनिया मैं तेरे तीर का
या तकदीर का मारा हूँ
आवारा हूँ...

Movie/Album: आवारा (1951)
Music By: जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश


इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...