दुख और सुख के रास्ते, बने हैं सब के वास्ते
जो ग़म से हार जाओगे, तो किस तरह निभाओगे
खुशी मिले हमें के ग़म, जो होगा बाँट लेंगे हम
मुझे तुम आज़माओ तो, ज़रा नज़र मिलाओ तो
ये जिस्म दो सही, दिलों में फ़ासला नहीं
जहां में ऐसा कौन है, कि जिसको ग़म मिला नहीं
तुम्हारे प्यार की क़सम, तुम्हारा ग़म है मेरा ग़म
न यूँ बुझे-बुझे रहो, जो दिल की बात है कहो
जो मुझ से भी छुपाओगे, तो फिर किसे बताओगे
मैं कोई गैर तो नहीं, दिलाऊँ किस तरह यक़ीं
कि तुमसे मैं जुदा नहीं, मुझसे तुम जुदा नहीं
जो ग़म से हार जाओगे, तो किस तरह निभाओगे
खुशी मिले हमें के ग़म, जो होगा बाँट लेंगे हम
मुझे तुम आज़माओ तो, ज़रा नज़र मिलाओ तो
ये जिस्म दो सही, दिलों में फ़ासला नहीं
जहां में ऐसा कौन है, कि जिसको ग़म मिला नहीं
तुम्हारे प्यार की क़सम, तुम्हारा ग़म है मेरा ग़म
न यूँ बुझे-बुझे रहो, जो दिल की बात है कहो
जो मुझ से भी छुपाओगे, तो फिर किसे बताओगे
मैं कोई गैर तो नहीं, दिलाऊँ किस तरह यक़ीं
कि तुमसे मैं जुदा नहीं, मुझसे तुम जुदा नहीं