Thursday, January 26, 2017

धरती माँ का मान हमारा

धरती माँ का मान हमारा प्यारा लाल निशान
नवयुग की मुस्कान हमारा प्यारा लाल निशान

पूंजीवाद से दब न सकेगा ये मजदूर किसान का झण्डा
मेहनत का हक ले के रहेगा, मेहनत इंसान का झण्डा
योद्धा और बलवान हमारा, प्यारा लाल निशान

इस झंडे से सांस उखड़ती चोर मुनाफाखोरों की
जिन्होंने इन्सानों की हालत कर दी डंगर ढोरों की
उनके खिलाफ ऐलान हमारा, प्यारा लाल निशान

फ़ैक्टरियों के धूल धुयेँ में हमने खुद को पाला
खून पिलाकर लोहे को इस देश का भार संभाला
मेहनत के इस पूजा-घर पर पड़ न सकेगा ताला
देश के साधन देश का धन हैं, जान ले पूंजीवाला
जीतेगा मैदान हमारा, प्यारा लाल निशान।

[Movie : समाज को बदल डालो 1970]

Monday, January 23, 2017

मुड़-मुड़ के न देख, मुड़-मुड़ के

मुड़-मुड़ के न देख, मुड़-मुड़ के
ज़िंदगानी के सफ़र में तू अकेला ही नहीं है
हम भी तेरे हमसफ़र हैं

आये गये मंज़िलों के निशाँ
लहरा के झूमा झुका आसमाँ
लेकिन रुकेगा न ये कारवाँ
मुड़-मुड़ के न देख...

नैनों से नैना जो मिला के देखे
मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे
दुनिया उसी की है जो आगे देखे
मुड़-मुड़ के न देख...

दुनिया के साथ जो बदलता जाये
जो इसके साँचे में ही ढलता जाये
दुनिया उसी की है जो चलता जाये
मुड़-मुड़ के न देख...

Movie/Album: श्री ४२० (1955)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: आशा भोंसले, मन्ना डे

Friday, January 20, 2017

तेरे दर पे आया हूं

तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा
झोली भर के जाऊंगा या मर के जाऊंगा

तू सब कुछ जाने है
हर ग़म पहचाने है
जो दिल की उलझन है
सब तुझ पे रौशन है
घायल परवाना हूं
वहशी दीवाना हूं
तेरी शोहरत सुन-सुन के उम्मीदें लाया हूं
तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा

दिल ग़म से हैरां है
मेरी दुनिया वीरां है
नज़रों की प्यास बुझा
मेरा बिछड़ा यार मिला
अब या ग़म छूटेगा
वरना दम टूटेगा
अब जीना मुश्किल है, फ़रियादें लाया हूं
तेरे दर पे आया हूं कुछ कर के जाऊंगा

इक परदेशी दूर से आया

इक परदेशी दूर से आया लड़की पर हक अपना जताया घर वालों ने हामी भर दी परदेशी की मर्ज़ी कर दी | प्यार के वादे हुए ना पूरे रह गए सारे ख्वाब अधू...